पानी का डिस्चार्ज घटने के बाद भी बैकुंठपुर में गंडक खतरे के निशान से 35 सेमी ऊपर

नेपाल की बारिश से गंडक नदी तबाही मचाती है. शनिवार को गंडक नदी का वाल्मीकिनगर बराज से डिस्चार्ज घटने के बाद भी गोपालगंज में फिर गंडक नदी टंडसपुर में खतरे के निशान से 35 सेमी ऊपर पहुंच गयी.

नेपाल की बारिश से गंडक नदी तबाही मचाती है. शनिवार को गंडक नदी का वाल्मीकिनगर बराज से डिस्चार्ज घटने के बाद भी गोपालगंज में फिर गंडक नदी टंडसपुर में खतरे के निशान से 35 सेमी ऊपर पहुंच गयी. वाल्मीकिनगर बराज से सुबह से शाम तक एक लाख से 1.10 लाख क्यूसेक तक डिस्चार्ज बना रहा. नदी के मिजाज को देखते हुए जल संसाधन विभाग की टीम अलर्ट मोड में है. नदी के घटते-बढ़ते जल स्तर से कटाव का खतरा काफी बढ़ा हुआ है. नदी के इतिहास को देख लोगों में खौफ का माहौल किसानों में भी दिख रहा है. लोग भी कटाव की खतरे से सहमे हुए है. उधर मुख्य अभियंता संजय कुमार, बाढ़ संघर्षात्मक बल के अध्यक्ष नवल किशोर सिंह, कार्यपालक अभियंता प्रमोद कुमार, टंडसपुर में बीरेंद्र बिक्रम, पतहरा में अभियंता ऋषभ राज, जबकि यूपी के अहिरौली दान में कनीय अभियंता विभाष कुमार गुप्ता, मो मजीद अमीर पटेल निगरानी में थे. बांध को सुरक्षित रखना विभाग की चुनौती है. पानी के घटते-बढ़ते रहने से बचाव कार्यों के भी नदी में समा जाने का खतरा बना है. विभाग ने तटबंधों को पूरी तरह से सुरक्षित होने का दावा किया है. जिससे तटबंधों पर भी काफी दबाव बढ़ा हुआ है.

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