Gopalganj Mid-Day Meal New Guidelines : बरसात के मौसम को देखते हुए गोपालगंज जिले के सभी सरकारी विद्यालयों, केंद्रीयकृत रसोईघरों और भंडारगृहों में मध्याह्न भोजन (एमडीएम) की गुणवत्ता और स्वच्छता की नियमित निगरानी के निर्देश दिए गए हैं. शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि भोजन की गुणवत्ता से जुड़ी किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
लापरवाही पर होगी सख्त विभागीय कार्रवाई
मध्याह्न भोजन योजना निदेशालय के निदेशक विनायक मिश्र के निर्देश के बाद जिले में निगरानी बढ़ा दी गई है. एमडीएम डीपीओ लखींद्र दास ने बताया कि भोजन की गुणवत्ता से जुड़ी शिकायतों को गंभीरता से लिया गया है. यदि किसी स्तर पर मानकों का उल्लंघन या लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित प्रधानाध्यापक, रसोइया, एजेंसी या जिम्मेदार पदाधिकारी के खिलाफ स्पष्टीकरण, मानदेय कटौती, स्थानांतरण, निलंबन, प्रपत्र-क की कार्रवाई अथवा चयनमुक्ति तक की कार्रवाई की जा सकती है.
अधिकारियों को नियमित निरीक्षण के निर्देश
जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों, जिला कार्यक्रम प्रबंधकों और प्रखंड साधनसेवियों को विद्यालयों का नियमित निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया है. अधिकारियों को भोजन तैयार होने से लेकर बच्चों तक वितरण की पूरी प्रक्रिया पर नजर रखने को कहा गया है ताकि गुणवत्ता और स्वच्छता के मानकों का पालन सुनिश्चित हो सके.
बरसात में इन सब्जियों के उपयोग पर रोक
डीपीओ लखींद्र दास ने बताया कि बरसात के मौसम में मिड-डे मील में बैंगन, भिंडी, सभी प्रकार के साग और पत्ता गोभी का उपयोग नहीं किया जाएगा. इनके स्थान पर स्थानीय स्तर पर उपलब्ध ताजी, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण सब्जियों का इस्तेमाल करने का निर्देश दिया गया है. इसके अलावा चावल, दाल, तेल, मसाले और अन्य खाद्य सामग्री की गुणवत्ता जांचने के बाद ही भोजन तैयार किया जाएगा. पैक्ड खाद्य सामग्री का उपयोग उसकी एक्सपायरी तिथि की जांच के बाद ही होगा.
पहले शिक्षक चखेंगे, फिर बच्चों को मिलेगा भोजन
शिक्षा विभाग ने निर्देश दिया है कि विद्यालयों और केंद्रीयकृत रसोईघरों में तैयार भोजन को पहले रसोइया, प्रधानाध्यापक या शिक्षक स्वयं चखकर उसकी गुणवत्ता सुनिश्चित करेंगे. इसके बाद ही भोजन बच्चों की थाली में परोसा जाएगा. साथ ही केंद्रीयकृत रसोईघर से तैयार भोजन अधिकतम दो घंटे के भीतर विद्यालय पहुंचाने का निर्देश दिया गया है.
गुणवत्ता से छेड़छाड़ पर होगी कड़ी कार्रवाई
विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि भोजन की गुणवत्ता से जानबूझकर छेड़छाड़ करने या निर्धारित मानकों का उल्लंघन करने की शिकायत सही पाई जाती है तो संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी.
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