Gopalganj News : ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को स्तन कैंसर के प्रति जागरूक करने और बीमारी की शुरुआती अवस्था में पहचान सुनिश्चित करने के लिए जय प्रभा मेदांता सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल पटना की ओर से सीएचसी फुलवरिया में विशेष जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम में 75 आशा कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया, जिनमें तीन आशा फैसिलिटेटर भी शामिल थीं.
आशा कार्यकर्ताओं को बताए कैंसर के लक्षण और बचाव के तरीके
कार्यक्रम में जय प्रभा मेदांता अस्पताल की ब्रेस्ट ऑन्को सर्जन डॉ. निशा राज मुख्य वक्ता के रूप में मौजूद रहीं. उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं को स्तन कैंसर के प्रमुख लक्षण, जोखिम कारक, बचाव के उपाय और समय पर जांच कराने के महत्व की जानकारी दी. इसके साथ ही उन्होंने स्तन स्व-परीक्षण की सही और वैज्ञानिक तकनीक का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया.
गांठ या बदलाव दिखे तो तुरंत डॉक्टर से लें सलाह
डॉ. निशा राज ने कहा कि स्तन कैंसर की पहचान यदि शुरुआती अवस्था में हो जाए, तो उपचार में सफलता की संभावना काफी बढ़ जाती है. इसलिए हर महिला को स्तन स्व-परीक्षण की सही विधि की जानकारी होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि स्तन में गांठ, आकार में बदलाव, असामान्य दर्द या किसी अन्य तरह का परिवर्तन महसूस होने पर समय गंवाए बिना विशेषज्ञ चिकित्सक से सलाह लेनी चाहिए.
आशा कार्यकर्ताओं के जरिए गांव-गांव पहुंचेगा जागरूकता का संदेश
कार्यक्रम का उद्देश्य आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर और समुदाय के अंतिम व्यक्ति तक स्तन कैंसर से बचाव एवं समय पर जांच का संदेश पहुंचाना है. इससे ग्रामीण महिलाओं में बीमारी को लेकर जागरूकता बढ़ाने और शुरुआती स्तर पर संभावित मामलों की पहचान में मदद मिलेगी.
स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रमों को लेकर अस्पताल प्रतिबद्ध
कार्यक्रम का समन्वय मेदांता अस्पताल के मार्केटिंग मैनेजर अभिमन्यु कौशिक और विपुल दीप ने किया. अस्पताल प्रबंधन ने कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों के माध्यम से गंभीर बीमारियों के प्रति लोगों को जागरूक करने और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी पहुंचाने के लिए ऐसे प्रयास आगे भी जारी रहेंगे.
