गोपालगंज: डुमरिया घाट बनेगा गोपालगंज का नया पर्यटन केंद्र, पांच एकड़ में इको टूरिज्म सेंटर की तैयारी

गोपालगंज में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए डुमरिया घाट को इको टूरिज्म सेंटर के रूप में विकसित किया जा रहा है. शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बताया कि इसके लिए पांच एकड़ जमीन चिन्हित की गई है. इस योजना से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा.

Gopalganj Tourism Dumariya : गोपालगंज जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में डुमरिया घाट को इको टूरिज्म सेंटर के रूप में विकसित करने की तैयारी शुरू हो गयी है. इसके लिए प्रशासन की ओर से करीब पांच एकड़ जमीन चिन्हित किये जाने की जानकारी क्षेत्रीय विधायक सह बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने दी. उन्होंने यह जानकारी दिघवा दुबौली में आयोजित एक बैठक के दौरान दी.

थावे के बाद डुमरिया घाट को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी

शिक्षा मंत्री ने बताया कि जिले में पर्यटन की संभावनाओं को बढ़ाने के लिए थावे मंदिर के बाद अब डुमरिया घाट को भी प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है. गंडक नदी के किनारे स्थित डुमरिया घाट को इको टूरिज्म की सुविधाओं से जोड़ने की तैयारी की जा रही है.

उन्होंने कहा कि परियोजना के तहत प्राकृतिक वातावरण को ध्यान में रखते हुए क्षेत्र का विकास किया जायेगा. इससे पर्यटकों को एक नये पर्यटन स्थल का अनुभव मिलेगा और स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.

मिथिला हाट की तर्ज पर बनेगा नारायणी हाट

डुमरिया घाट के विकास की योजना के साथ गंडक नदी के किनारे मिथिला हाट की तर्ज पर भव्य नारायणी हाट विकसित करने की भी योजना है. यहां स्थानीय हस्तकला, शिल्प, पारंपरिक खान-पान और क्षेत्रीय संस्कृति से जुड़े उत्पादों को एक ही परिसर में उपलब्ध कराने की तैयारी है.

नारायणी हाट के विकसित होने से स्थानीय कलाकारों और शिल्पकारों को अपने उत्पादों को प्रदर्शित और बेचने का मंच मिल सकेगा. साथ ही युवाओं के लिए भी रोजगार और स्वरोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है.

पर्यटन बढ़ने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा लाभ

शिक्षा मंत्री ने कहा कि डुमरिया घाट का समग्र विकास सरकार की प्राथमिकता में शामिल है. इको टूरिज्म सेंटर के रूप में विकसित होने के बाद यहां पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने की संभावना है. इससे होटल, खान-पान, परिवहन, हस्तशिल्प और अन्य स्थानीय व्यवसायों को भी लाभ मिल सकता है.

उन्होंने कहा कि पर्यटन के विकास से क्षेत्र के लोगों को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के साथ आर्थिक गतिविधियों को भी गति देने में मदद मिलेगी.

किसानों के लिए लिफ्ट इरीगेशन योजना की भी जानकारी

बैठक में किसानों से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की गयी. शिक्षा मंत्री ने लिफ्ट इरीगेशन योजना की जानकारी देते हुए बताया कि पाइपलाइन के माध्यम से खेतों तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था की जायेगी. इससे किसानों को सिंचाई में सुविधा मिलने और खेती को लाभ पहुंचने की उम्मीद है.

योजना की जानकारी से क्षेत्र के लोगों में उत्साह

डुमरिया घाट को इको टूरिज्म सेंटर के रूप में विकसित करने और नारायणी हाट बनाने की योजना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय लोगों में उत्साह है. लोगों का कहना है कि यदि योजना धरातल पर उतरती है, तो डुमरिया घाट गोपालगंज जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों में अपनी पहचान बना सकता है. इससे क्षेत्र में पर्यटन के साथ रोजगार और स्थानीय कारोबार के अवसर भी बढ़ सकते हैं.

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By संजय कुमार अभय

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