गोपालगंज से विकास दुबे की रिपोर्ट
Gopalganj News : जिले के सरकारी विद्यालयों में स्कूल गये बिना 100 किलोमीटर या उससे अधिक दूरी से ऑनलाइन हाजिरी बनाने वाले 33 शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं. मामले में जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए शिक्षा विभाग से अब तक की गयी कार्रवाई का पूरा ब्योरा मांगा है. जिला पदाधिकारी पवन कुमार सिन्हा के निर्देश पर समाहरणालय की जिला गोपनीय शाखा ने जिला शिक्षा पदाधिकारी योगेश कुमार को पत्र भेजकर तीन दिनों के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा है.
स्कूल से 100 किमी दूर से ऑनलाइन हाजिरी दर्ज की थी
समाहरणालय से जारी पत्र में कहा गया है कि इस मामले में पूर्व में भी कार्रवाई कर प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया था. मामला उन 33 शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों से जुड़ा है, जिनके बारे में ई-शिक्षाकोष पोर्टल की जांच के दौरान यह बात सामने आयी थी कि उन्होंने विद्यालय से करीब 100 किलोमीटर या उससे अधिक दूरी से अपनी ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज की थी. मामले को गंभीर मानते हुए शिक्षा विभाग ने उनसे स्पष्टीकरण भी मांगा था.
जिला प्रशासन मामले की निगरानी कर रहा
इस मामले को लेकर 14 मई को प्रभात खबर में प्रकाशित समाचार के बाद प्रशासनिक स्तर पर गतिविधियां तेज हो गयीं है. जिला गोपनीय शाखा द्वारा पांच जून को भेजे गये पत्र में कहा गया है, कि तथ्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए अनुपालन प्रतिवेदन मांगा गया था, लेकिन अब तक रिपोर्ट उपलब्ध नहीं करायी गयी है. ऐसे में जिला पदाधिकारी को वस्तुस्थिति से अवगत कराने के लिए तीन दिनों के भीतर प्रतिवेदन भेजना आवश्यक है. प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि जिला प्रशासन पूरे मामले की गंभीरता से निगरानी कर रहा है.
ई-शिक्षाकोष पोर्टल की जांच में खुला था मामला
डीइओ ने बताया था कि इ-शिक्षाकोष पोर्टल की समीक्षा के दौरान यह गड़बड़ी सामने आयी थी. जांच में पाया गया था कि कई शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों की ऑनलाइन उपस्थिति ऐसे स्थानों से दर्ज हुई, जो उनके विद्यालयों से काफी दूर थे. इसके बाद शिक्षा विभाग ने सभी संबंधित कर्मियों से जवाब मांगा था.
दस्तावेजों की समीक्षा की जा रही
डीएम स्तर से रिपोर्ट तलब किये जाने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है. विभागीय अधिकारियों ने मामले से जुड़े रिकॉर्ड खंगालने शुरू कर दिये हैं. संबंधित शिक्षकों के जवाब, पोर्टल का डेटा और अन्य दस्तावेजों की समीक्षा की जा रही है. माना जा रहा है कि जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की विभागीय कार्रवाई तय की जायेगी.
तीन दिनों में भेजनी होगी रिपोर्ट
समाहरणालय की जिला गोपनीय शाखा ने डीइओ योगेश कुमार से स्पष्ट रूप से कहा है कि मामले से संबंधित प्रतिवेदन तीन दिनों के भीतर उपलब्ध कराया जाये, ताकि जिला पदाधिकारी को पूरी स्थिति से अवगत कराया जा सके.
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