गोपालगंज: समाहरणालय सभा कक्ष में शनिवार को डीएम समीर सौरभ की अध्यक्षता में शराबबंदी एवं मद्यनिषेध से संबंधित मामलों की समीक्षा बैठक हुई. बैठक में अपर समाहर्ता राजेश्वरी पाण्डेय, अपर समाहर्ता-सह-जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी रोहित कुमार, अधीक्षक मद्यनिषेध अमृतेश कुमार, मुख्यालय डीएसपी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे. जिले के सभी थानाध्यक्ष वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में जुड़े और अपने-अपने थाना क्षेत्रों में की गयी कार्रवाई की जानकारी दी.
लंबित शराब मामलों के निष्पादन में तेजी लाने का निर्देश
बैठक में थाना स्तर पर लंबित शराब कांडों, जब्त शराब के विनष्टीकरण और शराब तस्करी में प्रयुक्त वाहनों के अधिहरण की कार्रवाई की समीक्षा की गयी. डीएम ने कहा कि मद्यनिषेध सरकार की महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में शामिल है. इसलिए शराब के अवैध निर्माण, बिक्री, भंडारण और परिवहन के खिलाफ लगातार प्रभावी कार्रवाई होनी चाहिए.
समीक्षा में सामने आया कि 1 अप्रैल 2016 से 26 अगस्त 2026 तक जिले के विभिन्न थानों में शराब से संबंधित लंबित मामलों में कुल 27,629.370 लीटर शराब का विवरण दर्ज है. वहीं 256 वाहनों से संबंधित मामले भी लंबित हैं. डीएम ने इन सभी मामलों के निष्पादन में तेजी लाने का निर्देश दिया.
जब्त शराब के विनष्टीकरण और वाहनों के अधिहरण की प्रक्रिया होगी तेज
डीएम ने थानाध्यक्षों को निर्देश दिया कि न्यायालय और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पुराने लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित कर कार्रवाई पूरी करें. जब्त शराब के विनष्टीकरण की प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी करने के साथ ही शराब तस्करी में प्रयुक्त वाहनों के अधिहरण का प्रस्ताव भी शीघ्र भेजने को कहा.
डीएम ने स्पष्ट किया कि केवल शराब बरामद कर कांड दर्ज करना पर्याप्त नहीं है. संबंधित मामलों की पूरी कानूनी प्रक्रिया को अंतिम स्तर तक पहुंचाना अधिकारियों की जिम्मेदारी है. उन्होंने सभी थानों को संवेदनशील क्षेत्रों, सीमावर्ती इलाकों और प्रमुख मार्गों पर विशेष निगरानी रखने तथा शराब के अवैध कारोबार के खिलाफ लगातार अभियान चलाने का निर्देश दिया.
अधिहरित वाहनों के मूल्यांकन में तेजी लाने का आदेश
मोटरयान निरीक्षक को सभी थानों से समन्वय स्थापित कर अधिहरित वाहनों के मूल्यांकन की कार्रवाई में तेजी लाने को कहा गया. डीएम ने कहा कि लंबित मामलों के निष्पादन में किसी तरह की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए.
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मद्यनिषेध से जुड़े मामलों की नियमित समीक्षा करते हुए कार्रवाई की प्रगति सुनिश्चित करें. डीएम ने चेतावनी दी कि मद्यनिषेध से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
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