47 हड़ताली शिक्षकों की मौत पड़ेगी महंगी

47 हड़ताली शिक्षकों की मौत पड़ेगी महंगी – बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति के आह्वान पर 60वें दिन भी जारी रही हड़ताल- नियोजित शिक्षकों ने सभी मांगों की पूर्ति तक हड़ताल पर डटे रहने का लिया संकल्पसंवाददाता4गोपालगंज बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति के आह्वान पर नियोजित शिक्षकों की हड़ताल गुरुवार को 60वें दिन […]

47 हड़ताली शिक्षकों की मौत पड़ेगी महंगी – बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति के आह्वान पर 60वें दिन भी जारी रही हड़ताल- नियोजित शिक्षकों ने सभी मांगों की पूर्ति तक हड़ताल पर डटे रहने का लिया संकल्पसंवाददाता4गोपालगंज बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति के आह्वान पर नियोजित शिक्षकों की हड़ताल गुरुवार को 60वें दिन भी जारी रही. इस दौरान शिक्षकों ने मांगों की पूर्ति तक हड़ताल जारी रखने का संकल्प लिया. शिक्षक नेता रतिकांत साह ने कहा कि राज्य भर में 47 हड़ताली शिक्षकों की मौत हो गयी है. इसके लिए राज्य सरकार जिम्मेदार है. उसे इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी. उन्होंने कहा कि हड़ताली शिक्षकों ने शिक्षामंत्री के अपील पत्र को खारिज कर दिया है. उन्होंने जिले के शिक्षकों से आह्वान किया कि किसी भी लालच और भय से मुक्त होकर हड़ताल पर डटे रहें. शिक्षक नेता ने कहा कि खुद मुश्किलों के दौर से गुजरते हुए शिक्षक कोरोना महामारी के संकट में लोगों को जागरूक करने व जरूरतमंदों की मदद में जुटे हैं. इसमें उनके साथ अशोक कुमार तिवारी,जयनारायण सिंह, नीलमणि शाही, प्रकाश नारायण, सुशील कुमार सिंह, कौशर अली, अभिषेक कुमार, संतोष कुमार, राजन राय, आनंद कुमार, जलेश्वर प्रसाद, कमलेश कुमार, निलेश कुमार सिंह, राघवेंद्र मिश्र, अतुल चौबे, अमृतेश तिवारी, वीरेंद्र सहनी, राजकुमार, राजीव रंजन, नीरज राय, रौशन कुमार, श्रीकांत सिंह, नीरज कुमार सिंह, मो कौशर अली, जय कुमार, शिव कुमार द्विवेदी,मंजू कुमारी, रमिता कुमारी, सुनीता कुमारी, नीतू कुमारी, पुष्पा कुमारी सहित सभी हड़ताली शिक्षक शामिल हैं.

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Author: Pritish Sahay

Published by: Prabhat Khabar

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