गोपालगंज में DDC का औचक निरीक्षण, आंगनबाड़ी में पंजी से कम मिले बच्चे; पोषण आहार में गड़बड़ी

गोपालगंज में डीडीसी गौरव कुमार ने स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने छात्रों को आधुनिक तकनीक और शिक्षा के महत्व के बारे में समझाया।

Gopalganj News : जिले में शिक्षा और बाल विकास योजनाओं की जमीनी स्थिति परखने के लिए प्रशासन ने निगरानी तेज कर दी है. इसी क्रम में उप विकास आयुक्त गौरव कुमार ने मंगलवार को थावे प्रखंड के सेमरा स्थित सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र संख्या-02 का औचक निरीक्षण किया. विद्यालय में व्यवस्थाएं संतोषजनक मिलीं, जबकि आंगनबाड़ी केंद्र पर बच्चों की उपस्थिति और पोषण आहार को लेकर अनियमितता सामने आने पर डीडीसी ने नाराजगी जतायी.

मॉडल स्कूल में समय पर चलती मिलीं कक्षाएं

डीडीसी गौरव कुमार ने सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूल (उत्क्रमित उच्चतर माध्यमिक विद्यालय), सेमरा का निरीक्षण कर शैक्षणिक और प्रशासनिक व्यवस्था का जायजा लिया. विद्यालय निर्धारित समय पर संचालित मिला और छात्र-छात्राएं कक्षाओं में पढ़ाई करते पाए गए. निरीक्षण के दौरान सभी शिक्षक उपस्थित मिले. विद्यालय में साफ-सफाई और प्रबंधन की स्थिति भी संतोषजनक पायी गयी.

स्मार्ट क्लास से पढ़ाई की भी ली जानकारी

निरीक्षण के दौरान डीडीसी को बताया गया कि विद्यार्थियों को स्मार्ट क्लास और ऑनलाइन कक्षाओं के माध्यम से तकनीक आधारित शिक्षा दी जा रही है. उन्होंने विद्यालय की पंजी और अन्य व्यवस्थाओं की भी जांच की. उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों और कर्मियों को नियमित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.

कक्षाओं में पहुंचे डीडीसी, छात्रों से किया संवाद

डीडीसी ने विभिन्न कक्षाओं में जाकर विद्यार्थियों से बातचीत की. उन्होंने बच्चों से उनकी पढ़ाई, कक्षा में होने वाली शिक्षण-अधिगम गतिविधियों और शिक्षा से जुड़ी जानकारी ली. उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन, अनुशासन और समय के सदुपयोग के लिए प्रेरित किया.

उन्होंने कहा कि बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल भी जरूरी है. विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था को और प्रभावी बनाने पर लगातार काम किया जाना चाहिए.

आंगनबाड़ी में पंजी से कम मिले बच्चे

इसके बाद डीडीसी ने आंगनबाड़ी केंद्र संख्या-02 का निरीक्षण किया. यहां उपस्थिति पंजी में दर्ज बच्चों की संख्या और केंद्र पर मौजूद बच्चों की संख्या का मिलान किया गया. जांच के दौरान पंजी में दर्ज संख्या की तुलना में वास्तविक उपस्थिति कम मिली.

इस पर डीडीसी ने नाराजगी जताते हुए संबंधित कर्मियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि अभिलेख में दर्ज उपस्थिति और केंद्र पर मौजूद बच्चों की वास्तविक संख्या में किसी भी तरह का अंतर नहीं होना चाहिए.

दोबारा गलती हुई तो तय होगी जिम्मेदारी

डीडीसी ने चेतावनी दी कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा सामने आने पर संबंधित कर्मियों की जिम्मेदारी तय कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने और सभी अभिलेखों को सही तरीके से संधारित करने का निर्देश दिया.

पोषण आहार में मसाला सामग्री की गुणवत्ता पर सवाल

निरीक्षण के दौरान बच्चों को दिए जाने वाले पोषण आहार और निर्धारित मीनू की भी जांच की गयी. जांच में मसाला सामग्री में गड़बड़ी पाए जाने पर डीडीसी ने मामले को गंभीरता से लिया और वरीय पदाधिकारी को इसकी रिपोर्ट करने का निर्देश दिया.

उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को मिलने वाले पोषण आहार की गुणवत्ता और मात्रा के साथ निर्धारित मीनू का शत-प्रतिशत पालन होना चाहिए. बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण से किसी भी स्तर पर समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

आगे भी जारी रहेगा औचक निरीक्षण

डीडीसी ने संबंधित कर्मियों को शिक्षा और बाल विकास से जुड़ी योजनाओं में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि बच्चों की शिक्षा, उपस्थिति, पोषण और अन्य सुविधाओं की निगरानी के लिए आगे भी औचक निरीक्षण जारी रहेगा.

फोटो नं 04 सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूल की पंजी को खंगालते डीडीसी | Prabhat Khabar Network
फोटो नं 05- डीडीसी के जांच के दौरान सेमरा आंगनबाड़ी में पढ़ते छात्र | Prabhat Khabar Network

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By अवधेश कुमार

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