पंचदेवरी का अंचल कार्यालय किसी न किसी मामले को लेकर अक्सर सुर्खियों में रहता है. दाखिल-खारिज के लिए रिश्वत मांगे जाने के आरोप को लेकर इन दिनों फिर यह कार्यालय चर्चा में आ गया है. बीते कई दिनों से क्षेत्र के लोग सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्मों के माध्यम से इस मामले को लेकर तरह-तरह के आरोप लगा रहे हैं.
कई लोग दाखिल-खारिज की प्रक्रिया में अनावश्यक परेशान करने और कथित रूप से रुपये की मांग किये जाने का आरोप लगाते हुए पूरे सिस्टम पर सवाल खड़ा कर रहे है. हालांकि, प्रभात खबर अपने स्तर से इन आरोपों की पुष्टि नहीं करता. लेकिन जबसे सोशल मीडिया पर इस मामले की चर्चा शुरू हुई है, तबसे अंचल कार्यालय की जमकर किरकिरी हो रही है.
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क्या हैं सोशल मीडिया की चर्चाएं
सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं में लोगों द्वारा दावा किया जा रहा है कि दाखिल-खारिज जैसे महत्वपूर्ण राजस्व कार्यों के लिए आवेदकों से कथित तौर पर रिश्वत की मांग की जाती है. बिना रिश्वत लिये हुए काम नहीं किया जाता है. प्रति दस्तावेज के लिए कितने रुपये लिये जाते हैं, इसका भी जिक्र लोग कर रहे हैं.
कई लोगों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर यह भी आरोप लगाया है कि रुपये दे दिये जाने के बाद भी काम को लटका कर रखा जाता है. कौन कितना रुपया दिया है, इसकी भी पोल सोशल मीडिया पर खुलने लगी है.
आरोपों पर कोई आधिकारिक जवाब नहीं
हालांकि, इन आरोपों को लेकर अब तक कोई आधिकारिक जांच रिपोर्ट सामने नहीं आयी है. लेकिन, क्षेत्र के लोग इस मामले में संबंधित पदाधिकारी से लेकर कर्मचारी तक को दोषी ठहरा रहे हैं. सोशल मीडिया पर इस मामले की जांच की मांग भी उठ रही है, ताकि कार्यालय करप्शन से मुक्त हो सके और आम लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो. इससे पूर्व भी कई बार इस तरह के मामले को लेकर अंचल कार्यालय पर आरोप लगाये थे, जिसमें वरीय पदाधिकारियों द्वारा कार्रवाई भी की गयी थी.
क्या कह रहे अधिकारी
मामले को लेकर पंचदेवरी की अंचलाधिकारी उमा कुमारी ने कहा कि यह मामला अभी मेरे संज्ञान में नहीं आया है. अगर इस तरह की शिकायत मिलती है, तो जांच करायी जायेगी और जो भी दोषी पाया जायेगा, उस पर सख्त कार्रवाई की जायेगी.
