Gopalganj News: जिले के छह प्रखंडों में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) के पद रिक्त होने के कारण स्कूलों के प्रशासनिक और वित्तीय कार्यों में आ रही बाधा को दूर करने के लिए शिक्षा विभाग ने बड़ा फेरबदल किया है. जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) अमरेंद्र कुमार पांडेय ने बरौली, भोरे, मांझा, उचकागांव, हथुआ और कटेया प्रखंडों में वैकल्पिक प्रशासनिक व्यवस्था लागू कर दी है. इसके तहत पांच प्रखंडों में बीडीओ और एक प्रखंड में बीएओ को बीईओ का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है.
मूल कार्य के साथ मिला वित्तीय अधिकार
नयी व्यवस्था के अनुसार प्रतिनियुक्त अधिकारी अपने मूल विभागीय दायित्वों के निर्वहन के साथ-साथ बीईओ के सभी कार्यों का संपादन करेंगे. विभाग ने इन अधिकारियों को वित्तीय अधिकार भी प्रदान किए हैं, ताकि नियमित व्यवस्था होने तक शिक्षकों के वेतन, सेवा संबंधी मामलों और विद्यालयों के जरूरी प्रशासनिक व वित्तीय भुगतानों में अनावश्यक देरी न हो.
दो दिनों में प्रभार सौंपने का सख्त निर्देश
जिला शिक्षा पदाधिकारी ने संबंधित निवर्तमान प्रभारियों को अल्टीमेटम देते हुए स्पष्ट किया, "संबंधित प्रभारी दो दिनों के भीतर नवप्रतिनियुक्त अधिकारियों को बीईओ का संपूर्ण प्रभार सौंपना सुनिश्चित करें. प्रभार के आदान-प्रदान की रिपोर्ट तुरंत जिला कार्यालय को उपलब्ध करानी होगी. यदि निर्धारित समय सीमा में प्रभार नहीं सौंपा गया तो संबंधित के विरुद्ध जवाबदेही तय करते हुए विभागीय कार्रवाई की जाएगी."
इन अधिकारियों को मिली अतिरिक्त जिम्मेदारी
अपर मुख्य सचिव के निर्देश और जिलाधिकारी के अनुमोदन के बाद जारी आदेश के तहत इन अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है:
- बरौली: अजित कुमार रौशन, प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ)
- भोरे: मुकेश कुमार, प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ)
- मांझा: वैभव शुक्ला, प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ)
- उचकागांव: मनोज कुमार पंडित, प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ)
- हथुआ: सुमित कुमार, प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ)
- कटेया: अर्चना उपाध्याय, प्रखंड कृषि पदाधिकारी (बीएओ)
