Gopalganj News : बैकुंठपुर प्रखंड मुख्यालय के सभागार में मंगलवार को प्रखंड 20 सूत्री समिति की बैठक आयोजित की गयी. बैठक में क्षेत्र में संचालित विकास एवं कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा की गयी. इस दौरान समिति के कई सदस्यों ने विभिन्न योजनाओं में अनियमितता का आरोप लगाते हुए जांच और नियमित निगरानी की मांग उठायी. अधिकारियों ने सदस्यों के सवालों का क्रमवार जवाब दिया.
आंगनबाड़ी केंद्रों की व्यवस्था पर हुई चर्चा
बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन, भवन निर्माण और योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही समस्याओं पर विस्तार से चर्चा हुई. सीडीपीओ ने संबंधित मामलों की जानकारी देते हुए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया. सदस्यों ने आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने की मांग की.
मिड-डे-मील में पारदर्शिता की मांग
विद्यालयों में संचालित मिड-डे-मील योजना को लेकर भी सदस्यों ने सवाल उठाये. उन्होंने योजना में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और बच्चों को निर्धारित मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने की मांग की. सदस्यों ने भोजन की गुणवत्ता और वितरण व्यवस्था की नियमित जांच पर जोर दिया.
कई पंचायतों में बंद नल-जल योजना का उठा मुद्दा
बैठक में नल-जल योजना का मुद्दा प्रमुखता से उठा. सदस्यों ने बताया कि कई पंचायतों में नल-जल योजनाएं बंद पड़ी हैं, जिसके कारण ग्रामीणों को नियमित पेयजल आपूर्ति नहीं मिल पा रही है. सदस्यों ने अधिकारियों से बंद पड़ी योजनाओं को अविलंब चालू कराने और ग्रामीणों तक नियमित पानी पहुंचाने की मांग की.
भूमिहीन परिवारों को जमीन देने की प्रक्रिया जारी
भूमिहीन परिवारों को भूमि उपलब्ध कराने के मुद्दे पर अंचलाधिकारी शिवम श्रीवास्तव ने जानकारी दी कि पर्चा वितरण की प्रक्रिया जारी है. उन्होंने बताया कि इस दिशा में कार्य प्रगति पर है और निर्धारित प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जा रही है.
अन्य विकास योजनाओं की भी हुई समीक्षा
बैठक में क्षेत्र में संचालित अन्य विकास एवं कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति और उनसे जुड़ी समस्याओं की भी समीक्षा की गयी. समिति सदस्यों ने योजनाओं की नियमित निगरानी और गड़बड़ी मिलने पर कार्रवाई की मांग की.
ये अधिकारी और सदस्य रहे मौजूद
बैठक की अध्यक्षता प्रखंड 20 सूत्री समिति की अध्यक्ष पुष्पा सिंह ने की. इस अवसर पर डीसीएलआर रंजना भारती, बीडीओ नंदकिशोर साह, प्रखंड प्रमुख उर्मिला देवी, कार्यक्रम पदाधिकारी रघुनाथ कुमार, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अनिल कुमार सिंह समेत कई अधिकारी और समिति सदस्य मौजूद रहे.
