Gopalganj News: राज्यव्यापी आह्वान के तहत आइसा, आरवाईए और भाकपा (माले) के कार्यकर्ताओं ने शिक्षा एवं परीक्षाओं में कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ संकल्प सभा का आयोजन किया. इस दौरान खजुरहा मोड़ से जुलूस निकाला गया, जो भोरे चारमुहानी पहुंचकर जनसभा में तब्दील हो गया. सभा में कार्यकर्ताओं ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार और परीक्षाओं से जुड़ी विभिन्न मांगों को लेकर आवाज बुलंद की.
नगरनौसा के आंदोलनकारियों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग
सभा को संबोधित करते हुए भाकपा (माले) नेता सुभाष पटेल ने भाजपा सरकार पर वादों से मुकरने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों के खिलाफ आंदोलन को और तेज करने की जरूरत है. उन्होंने नगरनौसा के आंदोलनकारियों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने और लुकआउट नोटिस जारी करने को लेकर सरकार से माफी मांगने की मांग की.
सिवान में फायरिंग के आदेश की जांच की मांग
आइसा नेता प्रभात सिंह कुशवाहा ने सिवान में आंदोलनकारियों पर फायरिंग का आदेश देने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की. उन्होंने बिहार के विश्वविद्यालयों में फीस में की गयी 300 प्रतिशत वृद्धि को वापस लेने की मांग की. इसके साथ ही ऑनर्स में नामांकन के लिए 7.5 सीजीपीए की अनिवार्यता समाप्त करने तथा निजी विश्वविद्यालय अधिनियम को रद्द करने की मांग भी उठायी.
NTA भंग करने और रिक्त पदों पर बहाली की मांग
राघव प्रसाद सिंह कुशवाहा ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को भंग करने की मांग की. उन्होंने सभी रिक्त पदों पर तत्काल बहाली निकालने तथा डिग्री कॉलेजों को विश्वविद्यालयों से अलग करने वाले विधेयक को वापस लेने की मांग भी रखी. वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दों को लेकर छात्रों व युवाओं की समस्याओं का समाधान जरूरी है.
बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे मौजूद
संकल्प सभा में दिनेश यादव, हलीम मियां, फूलचंद कुशवाहा, अर्जुन सिंह, अवधेश वर्मा, ललिता देवी सहित बड़ी संख्या में आइसा, आरवाईए और भाकपा (माले) के कार्यकर्ता मौजूद रहे. इस दौरान शिक्षा एवं रोजगार से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलन को आगे जारी रखने का संकल्प लिया गया.
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