गोपालगंज: 11 साल पुराने भूमि विवाद का अंत, कोर्ट के आदेश पर पीड़ित को मिला जमीन का कब्जा

गोपालगंज के कुँवर बथुआ गांव में 11 वर्षों से चला आ रहा भूमि विवाद आखिरकार सुलझ गया. हथुआ अनुमंडलीय डीसीएलआर कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस-प्रशासन की मौजूदगी में सिंहासन साह को उनकी विवादित जमीन पर कब्जा दिलाया गया. 11 साल के लंबे इंतजार के बाद न्याय मिलने पर पीड़ित भावुक हो गए.

Gopalganj News: गोपालगंज जिले के फुलवरिया प्रखंड अंतर्गत कुँवर बथुआ गांव में 11 वर्षों से चले आ रहे भूमि विवाद का आखिरकार पटाक्षेप हो गया. हथुआ अनुमंडलीय डीसीएलआर कोर्ट के इजराई वाद में पारित आदेश के अनुपालन में मंगलवार को पुलिस-प्रशासन की मौजूदगी में पीड़ित सिंहासन साह को उनकी विवादित जमीन पर विधिवत कब्जा दिलाया गया. कार्रवाई के दौरान पूरे गांव में हलचल का माहौल रहा.

भारी पुलिस बल की मौजूदगी में हुई कार्रवाई

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए गांव में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था. अंचल अधिकारी बीरबल वरुण कुमार, सीआई शफीक वारिस, थानाध्यक्ष कुंदन कुमार, दारोगा धर्मेंद्र कुमार सिंह तथा अंचल अमीन की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची.

सबसे पहले अंचल अमीन ने जमीन की पैमाइश कराई. इसके बाद डीसीएलआर कोर्ट के निर्देशानुसार जेसीबी मशीन की सहायता से विवादित भूमि पर बने अवैध बाउंड्री निर्माण को हटाया गया और सिंहासन साह को उनकी जमीन का कब्जा सौंप दिया गया.

11 वर्षों से चल रहा था भूमि विवाद

अंचल अधिकारी बीरबल वरुण कुमार ने बताया कि कुँवर बथुआ गांव निवासी सिंहासन साह और प्रहलाद सिंह के बीच पिछले 11 वर्षों से भूमि विवाद चल रहा था. मामला हथुआ अनुमंडलीय डीसीएलआर कोर्ट में इजराई वाद के रूप में विचाराधीन था.

सुनवाई के बाद अदालत ने सिंहासन साह के पक्ष में डिग्री पारित करते हुए दखल-दहानी का आदेश दिया था. इसी आदेश के आलोक में प्रशासन ने मंगलवार को कार्रवाई पूरी कर पीड़ित को उसकी जमीन पर कब्जा दिलाया.

न्याय मिलने पर भावुक हुए सिंहासन साह

करीब 11 वर्षों तक चली कानूनी लड़ाई के बाद अपनी जमीन वापस मिलने पर सिंहासन साह भावुक हो गए. उनकी आंखें नम हो गईं. उन्होंने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा था और आखिरकार लंबे इंतजार के बाद उन्हें उनका अधिकार और न्याय मिल गया.

प्रशासन ने शांतिपूर्ण ढंग से कराया कब्जा

पूरी कार्रवाई पुलिस और प्रशासन की निगरानी में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई. अधिकारियों ने बताया कि कोर्ट के आदेशों का पालन सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है और भविष्य में भी न्यायालय के निर्देशों का इसी प्रकार अनुपालन कराया जाएगा.

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By Prabhat khabar news desk

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