मधेपुरा व मढ़ौरा रेल कारखाना के लिए दो कंपनियों से हुआ करार

मधेपुरा व मढ़ौरा रेल कारखाना के लिए दो कंपनियों से हुआ करारसंवाददाता, पटना भाजपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने मढ़ौरा और मधेपुरा रेल इंजन कारखानों की 40 हजार करोड़ की परियोजना के लिए केंद्र सरकार ने दो विदेशी कंपनियों का चयन कर उन्हें अनुबंध स्वीकृति का पत्र देने पर रेल […]

मधेपुरा व मढ़ौरा रेल कारखाना के लिए दो कंपनियों से हुआ करारसंवाददाता, पटना भाजपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने मढ़ौरा और मधेपुरा रेल इंजन कारखानों की 40 हजार करोड़ की परियोजना के लिए केंद्र सरकार ने दो विदेशी कंपनियों का चयन कर उन्हें अनुबंध स्वीकृति का पत्र देने पर रेल मंत्रालय और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई दी है. मोदी ने कहा कि 2007 में लालू प्रसाद के रेलमंत्रित्व काल में दोनों रेल परियोजनाओं को स्वीकृति दी गयी थी, मगर उसके बाद के दो वर्षों तक रेल मंत्री रहने के दौरान न लालू प्रसाद इन परियोजनाओं को चालू करा पाये और न यूपीए सरकार को सात वर्षों तक बिहार की इन महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं की याद आयी. भाजपा की सरकार ने अपने 17 महीने के कार्यकाल में ही देश में रेलवे के पहले प्रत्यक्ष विदेशी निवेश पर आधारित दो रेल इंजन कारखाना बिहार को दिया है. मोदी ने बताया कि मढ़ौरा डीजल रेल इंजन कारखाना के लिए यूएस मल्टीनेशनल जी ई कंपनी को 2052 करोड़ तथा मधेपुरा में विद्युत रेल इंजन कारखाना के लिए 1293.57 करोड़ का फ्रेंच कम्पनी अलस्तोम से अनुबंध किया गया है. अगले दस साल में मढ़ौरा में 4500 और 6000 हॉर्स पावर के 1000 डीजल इंजन तैयार होगा, जिनमें 100 इंजन बाहर से मंगाये जायेंगे, वहीं मधेपुरा में 12,000 एचपी के बनने वाले 800 बिजली इंजन में से 5 इंजन आयात किए जायेंगे, जबकि 795 इंजन वहीं बनाये जायेंगे. बिहार के विकास के लिए प्रतिबद्ध केंद्र सरकार की इस पहल से न केवल वर्षों से लटकी हुई रेल परियोजनाएं चालू होंगी, बल्कि इन रेल इंजन कारखानों के चालू हाने से स्थानीय स्तर पर रोजगर के नये अवसर भी सृजित होंगे.

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