सरकार बनाने की कवायद शुरू

सरकार बनाने की कवायद शुरूदिवाली के बाद किसी भी दिन सरकार का गठनसीएम के रूप में जदयू के नीतीश कुमार पहले से तय उपमुख्यमंत्री के लिए राजद अौर स्पीकर के लिए कांग्रेस ठोक सकता है दावामुख्यमंत्री के अलावा मंत्रिमंडल में होंगे 35 सदस्यनीतीश के मंत्रिमंडल में जदयू के 14, राजद के 15 और कांग्रेस के […]

सरकार बनाने की कवायद शुरूदिवाली के बाद किसी भी दिन सरकार का गठनसीएम के रूप में जदयू के नीतीश कुमार पहले से तय उपमुख्यमंत्री के लिए राजद अौर स्पीकर के लिए कांग्रेस ठोक सकता है दावामुख्यमंत्री के अलावा मंत्रिमंडल में होंगे 35 सदस्यनीतीश के मंत्रिमंडल में जदयू के 14, राजद के 15 और कांग्रेस के पांच-छह हो सकते हैं मंत्रीसंवाददाता, पटनाबिहार विधानसभा चुनाव में महागंठबंधन को दो तिहाई से ज्यादा बहुमत आने के बाद अब सरकार बनाने की कवायद शुरू हो गयी है. मुख्यमंत्री के तौर पर नीतीश कुमार पांचवी बार पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे, यह पहले से तय है. सरकार में एक उप मुख्यमंत्री की भी संभावना जतायी जा रही है. सूत्रों के मुताबिक उप मुख्यमंत्री का पद राजद को मिल सकता है. जबकि, विधानसभा अध्यक्ष के पद पर कांग्रेस दावा कर सकती है. इधर, सरकार गठन होने की प्रक्रिया में चुनाव आयोग ने सभी 243 नव निर्वािचत विधायकों की सूची सोमवार की शाम राजभन को सौंप दी है. माना जा रहा है कि बुधवार को दीपावली है और इसके बाद कभी भी नयी सरकार का गठन किया जा सकता है.फिलहाल, नयी सरकार के गठन को लेकर महागंठबंधन में औपचारिक तौर पर पहल शुरू नहीं हो पायी है. लेकिन, मंत्रिमंडल में किसको जगह मिलेगी, जदयू-राजद-कांग्रेस के कितने-कितने विधायक मंत्री बनेंगे इस पर अनौपचारिक मंथन जारी है. सीट बंटवारे में जिस प्रकार राजद-जदयू और कांग्रेस ने फार्मूला अपनाया था, उसी फार्मूले पर मंत्रिमंडल का भी विस्तार किया जा सकता है. बिहार मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री के अलावा 35 मंत्रियों को रखा जा सकता है. जीती गयी सीट के आधार पर मंत्रिमंडल में जदयू 14, राजद 15 और कांग्रेस के छह मंत्री बन सकते हैं. राजद की ओर से अब्दुल बारी सिद्दीकी और लालू प्रसाद के बेटे तेज प्रताप और तेजस्वी यादव को महत्वपूर्ण जिम्मेवारी मिल सकती है. मंत्रिमंडल में जदयू जहां अपने वर्तमान मंत्रियों पर और राजद-कांग्रेस भी अपने पूर्व मंत्रियों पर भरोसा जता सकती है. महागंठबंधन वैसे विधायक या पूर्व मंत्री जिन पर किसी प्रकार का आरोप है उन्हें मंत्रिमंडल से दूर रख सकती है. चुनाव के पहले बिहार सरकार में 22 मंत्री थे. इसमें से चार विधान पार्षद थे, जिन्हें मंत्री बनाया गया था. जदयू की ओर से 15 मंत्रियों को टिकट दिया गया था और तीन मंत्रियों का टिकट काटा गया था. जदयू के 15 मंत्रियों में से 11 ने विधानसभा चुनाव में जीत हासिल की और चार को हार का सामना करना पड़ा. जदयू कोटे के अगर मंत्रियों का सवाल है तो वर्तमान सरकार के 15 मंत्री दावेदार हैं. इनमें से दो से तीन का मंत्रिमंडल से हटना तय माना जा रहा है. जदयू के संभावित मंत्री : विजय कुमार चौधरी, विजेंद्र प्रसाद यादव, श्रवण कुमार, श्याम रजक, राजीव रंजन सिंह, पी. के. शाही, लेसी सिंह, रंजू गीता, बीमा भारती, जय कुमार सिंह, विनोद यादव, नरेंद्र नारायण यादव, जावेद इकबाल अंसारी, नौशाद आलम, रामलषण राम रमण. राजद के संभावित मंत्री : अब्दुल बारी सिद्दीकी, तेजस्वी यादव, तेज प्रताप यादव, मुद्रिका यादव, आलोक मेहता, शिवचंद्र राम, प्रो. चंद्रशेखर, अब्दुल गफूर, लक्ष्मी नारायण यादव, रामविचार राय, प्रेमा चौधरी, मुनेश्वर चौधरी, डा. रामानुज. कांग्रेस के संभावित मंत्री : सदानंद सिंह, अशोक चौधरी, विजय शंकर दूबे, डा. अशोक कुमार, अमिता भूषण, रामदेव राय, तौसीफ आलम.

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