बरौली में लालटेन जली, मुरझाया कमल

बरौली में लालटेन जली, मुरझाया कमल15 वर्ष बाद नेमतुल्लाह को मिला बरौली का ताज 1995 में पहली बार बने थे विधायक चार बार कर चुके हैं हार का सामना बरौली से की थी राजनीतिक सफर की शुरुआत गोपालगंज. इस बार बरौली में 15 वर्षों के बाद लालटेन जली है और कमल मुरझाया है. लालटेन और […]

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बरौली में लालटेन जली, मुरझाया कमल15 वर्ष बाद नेमतुल्लाह को मिला बरौली का ताज 1995 में पहली बार बने थे विधायक चार बार कर चुके हैं हार का सामना बरौली से की थी राजनीतिक सफर की शुरुआत गोपालगंज. इस बार बरौली में 15 वर्षों के बाद लालटेन जली है और कमल मुरझाया है. लालटेन और कमल की जंग में 15 वर्ष बाद ही मो नेमतुल्लाह को बरौली का दूसरी बार ताज मिला है. इन्होंने राजनीतिक कैरियर की शुरुआत 1995 में बरौली विधानसभा क्षेत्र से बतौर जनता दल प्रत्याशी के रूप में की. पहली बार 1995 में नेमतुल्लाह बरौली के विधायक बने और उन्होंने रामप्रवेश राय को शिकस्त दी. फिर वर्ष 2000, फरवरी 2005, अक्तूबर 2005 और वर्ष 2010 में हुए विधानसभा चुनाव में वे राजद के टिकट पर चुनाव लड़ते रहे. चारों बार इनको भाजपा के रामप्रवेश राय ने करारी शिकस्त दी. इस बार पुन: महागंठबंधन से राजद के खाते में आयी सीट पर पुन: राजद ने इन पर भरोसा जताया. इस बार मो नेमतुल्लाह ने इस सीट पर फतह कर ली. यहां से चार बार विधायक रहे भाजपा के रामप्रवेश राय को हार का सामना करना पड़ा.

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