चुनाव समाप्त होते ही केंद्र ने जनता पर बोझ डालने का नया दौर शुरू कर दिया : भाकपा रेल यात्रियों पर भारी बोझ डालने को केंद्र सरकार तैयार कम की जा रही है रसोई गैस सिलिंडर की भी सब्सिडीनौकरी पेशा वालों पर पेशा कर या सेवा–कर लगाने वाली है सरकार सरकार के इन कदमों का विरोध करेगी भाकपा संवाददाता, पटना भारतीय जनता पार्टी और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से जैसी आशंका थी, वह चुनाव समाप्त होते ही सामने आ गयी. केंद्र सरकार ने जनता पर बोझ डालने का नया दौर शुरू कर दिया है. रेल यात्रियों पर भारी बोझ पड़ रहा है, अब जो टिकट लौटाने जायेंगे, उन्हें लौटाने का दोगुना शुल्क देना होगा. इसके अलावा अब यात्री अपना टिकट चार घंटे पहले ही लौटा सकेंगे, पहले दो घंटा पहले लौटा सकते थे. तीस रुपये से कम का टिकट लौटेगा ही नहीं. यही नहीं, रसोई गैस सिलिंडर की भी सब्सिडी कम की जा रही है, कुछ मामलों में तो सब्सिडी खत्म भी की जा रही है, इसमें गैस सिंलिंडर का दाम बढ़ जायेगा. भाकपा के राज्य सचिव सत्य नारायण सिंह ने शनिवार को कहा कि इतने में मोदी सरकार को संतोष नहीं हुआ. अब वह नौकरी पेशा वालों पर पेशा कर या सेवा–कर लगाने वाली है, जो 15 नवम्बर से लागू हो जायेगा. पिछले ही साल केन्द्र सरकार ने सेवा–कर को 12 प्रतिशत से बढ़ाकर 14 प्रतिशत कर दिया था. आम जनता पर इस तरह का वित्तीय बोझ लादना सरकार की संवेदनहीनता का परिचायक है. भाकपा सरकार के इन कदमों का विरोध करेगी. उन्होंने कहा है कि देश के बड़बोले प्रधानमंत्री आम जनता के लिए यही अच्छे दिन लाने वाले थे. सच तो यह है कि अच्छे दिन केन्द्र सरकार और धनि लोगों के लिए है, न कि जनता के लिए. असल में जिन इजारेदार और व्यावसायिक घरानों से चुनाव में भाजपा ने चंदा लिया और हेलिकॉप्टर उड़ाया है, उनकी सेवा तो मोदी सरकार को करनी ही है. मोदी उनकी सेवा में लग गये हैं.
चुनाव समाप्त होते ही केंद्र ने जनता पर बोझ डालने का नया दौर शुरू कर दिया : भाकपा
चुनाव समाप्त होते ही केंद्र ने जनता पर बोझ डालने का नया दौर शुरू कर दिया : भाकपा रेल यात्रियों पर भारी बोझ डालने को केंद्र सरकार तैयार कम की जा रही है रसोई गैस सिलिंडर की भी सब्सिडीनौकरी पेशा वालों पर पेशा कर या सेवा–कर लगाने वाली है सरकार सरकार के इन कदमों का […]
