वादा नहीं, भ्रष्टाचार मुक्त बनानेवाला हो विधायक
वादा नहीं, भ्रष्टाचार मुक्त बनानेवाला हो विधायकप्रभात चौपालमतदाता अपनी भविष्य की चिंता के साथ डालेंगे वोटमौसम के भरोसे कब तक होगी किसानों की खेतीफोटो-15 विधानसभा चुनाव अपने शबाब पर है. हर दल से लेकर निर्दलीय तक अपने-अपने वादों के साथ चुनाव लड़ रहे हैं. मगर अब तक जरूरतमंदों की किसी ने नहीं सुनी है. वोट […]
वादा नहीं, भ्रष्टाचार मुक्त बनानेवाला हो विधायकप्रभात चौपालमतदाता अपनी भविष्य की चिंता के साथ डालेंगे वोटमौसम के भरोसे कब तक होगी किसानों की खेतीफोटो-15 विधानसभा चुनाव अपने शबाब पर है. हर दल से लेकर निर्दलीय तक अपने-अपने वादों के साथ चुनाव लड़ रहे हैं. मगर अब तक जरूरतमंदों की किसी ने नहीं सुनी है. वोट के लिए जातीय समीकरण पर खास लोगों की मंत्रणा होती रही है. इससे मुख्य समस्याएं सदा गौण रही है. दूध से मुंह जला, छाछ भी फूंक कर पीने जैसी सावधानी बरतने की लोग अब आवश्यकता जता रहे हैं. अपनी बुनियादी समस्याओं से जूझ रहे ग्रामीण मतदाता प्रभात खबर के द्वारा हकाम गांव में आयोजित चौपाल में खुल कर सड़क, बिजली व पेयजल की असुविधा के मुद्दे पर चर्चा की. आम लोगों ने विकास को महत्व देते हुए संकल्प लिया कि एक नवंबर को वोट उसी को देंगे, जो सड़क देगा. प्रस्तुत है चौपाल में उठाये गये सवालों पर आधारित यह रिपोर्ट.स्वस्थ लोकतंत्र की जरूरत मानते हुए ग्रामीणों ने लिया, मतदान का संकल्पबैकुंठपुर. आम मतदाता अब विकास को महत्व देने लगे हैं. स्वस्थ व स्वच्छ लोकतंत्र की आवश्यकता बताते हुए इसके निर्माण में अपनी भागीदारी मानते हुए सड़क नहीं, तो वोट नहीं का एकजुट नारा लगाया. आम मतदाता को भी अपने पिछड़ेपन का एहसास है. उन्हें मलाल है कि आजादी के बाद से आज तक उनका विकास क्यों नहीं हुआ. काफी संख्या में मौजूद हकाम गांव के मतदाताओं को दक्षिण टोला जाने के लिए खेत व नहर किनारे की पगडंडी का सहारा लेना पड़ता है. यहां सड़क की नितांत आवश्यकता जताते हुए जो कष्ट बयां किये, वह वाकई गंभीर समस्या है. मरीजों को देखने जाने में सड़क के अभाव में 200 घरों तक डॉक्टर जाने से कतराते हैं. यदि इमरजेंसी हो, तो खटिया पर लेकर एक किमी पैदल मार्च करने के बाद सड़क मिलता है. बिजली की समस्या तो शुरू से ही है. विकास के नाम पर वंचित इस गांव के लोगों ने बदहाली पर चिंता जताते हुए जो परेशानी व्यक्त की वह यह था कि नहर में पानी नहीं आता, पेयजल सुविधा नदारद है. मौसम के भरोसे खेती निर्भर है. यहां इंदिरा आवास, वृद्धावस्था पेंशन व राशन-केरोसिन के लाभुक महंगाई से त्राहिमाम कर रहे हैं.चौपाल में उभर कर आयी प्रमुख समस्याएं- बेटियों को पढ़ने के लिए बैकुंठपुर में स्नातकोत्तर महाविद्यालय खोला जाये- सड़क बनायी जाये, ताकि आवागमन की समस्या दूर हो- सिंचाई के लिए नहर में नियमित पानी की व्यवस्था हो, ताकि खेतों की प्यास बूझ सके- जरूरतमंदों को खाद्य आपूर्ति सुरक्षा का लाभ मिले- सरकार द्वारा घोषित अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र शुरू हो- इलाके में फैले शराब के अवैध कारोबार पर रोक लगे- इंदिरा आवास व वृद्धावस्था पेंशन में व्याप्त भ्रष्टाचार समाप्त किया जाये- किसानों को कृषि सब्सिडी व अनुदान का सही लाभ मिले. क्या कहते हैं मतदाताविधायक ऐसा हो, जो कथनी व करनी में समानता रखे, जनता के प्रति भेदभाव न रखे, जाति व समुदाय, आपना व पराया की खाई को मिटा कर सार्वजनिक तौर पर विकास के लिए ईमानदारी से प्रयत्न करे.फोटो-16, मंगल साहकिसानों को चाहिए खेतों में पानी, जो वादों से नहीं पूरा होनेवाला. इसके लिए सरकार को पहल करनी होगी. गरीबों को मिलनेवाली योजनाओं में रिश्वतखोरी बंद करानेवाले प्रत्याशी को वोट करेंगे या नोटा का प्रयोग करेंगे.फोटो-17, राजदेव महतोगांव में सड़क नहीं, तो वोट नहीं. हमारे लिए सड़क की प्राथमिकता है. समाधान की जिससे उम्मीद होगी, समर्थन उसी को मिलेगा. चुनाव वादों में तो हर साल सड़क बनता रहा है. अब इसे छोड़ कर धरातल पर काम की जरूरत हैं. फोटो-18, रामानंद महतोगरीबों को मिलनेवाली योजनाओं में रिश्वतखोरी बंद करानेवाले प्रत्याशी को वोट करेंगे. गांव को अब तक उपेक्षित रखने का हिसाब तैयार कर ग्रामीण नेताओं से उनका हिसाब लेंगे, नहीं तो नोटा का प्रयोग करेंगे.फोटो-19, रामेश्वर मांझीयह पूरा इलाका पिछड़ा हुआ है. पिछड़े इलाके में चुनाव जितने के बाद कोई आता भी नहीं. इस बार रोटी, कपड़ा व मकान को मद्देनजर रखते हुए हमारा मुद्दा है. जो नेता हमारे बीच विकास को महत्व देगा, विधायक उसे ही चुनेंगे. फोटो-20, श्री किसुन भगतवोट की ताकत इस बार प्रत्याशियों पर भारी पड़ेगी. आम आदमी के दुख-दर्द को बांटनेवाला विधायक होना चाहिए. गांव की बुनियादी समस्याओं के निराकरण एवं विकास को लेकर तत्पर रहनेवाला ही वोट का हकदार है.फोटो-21, दरबारी महतो
