आदेश के बावजूद नहीं पहुंचे पदाधिकारी व कर्मी, शिक्षा कार्यालय बंद रहने से भटकते रहे शिक्षक

गोपालगंज. शिक्षकों से जुड़े मामलों के निष्पादन को लेकर डीइओ योगेश कुमार द्वारा एक दिन पहले ही स्पष्ट आदेश जारी किया गया था कि रविवार 11 जनवरी को भी जिले के शिक्षा विभाग कार्यालय सहित सभी प्रखंड शिक्षा कार्यालय निर्धारित समयानुसार खुले रहेंगे.

गोपालगंज. शिक्षकों से जुड़े मामलों के निष्पादन को लेकर डीइओ योगेश कुमार द्वारा एक दिन पहले ही स्पष्ट आदेश जारी किया गया था कि रविवार 11 जनवरी को भी जिले के शिक्षा विभाग कार्यालय सहित सभी प्रखंड शिक्षा कार्यालय निर्धारित समयानुसार खुले रहेंगे. वहीं इसमें सभी पदाधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहेंगे. इसके बावजूद रविवार को जिला शिक्षा कार्यालय की स्थिति इससे उलट नजर आयी. बरौली प्रखंड के नवसृजित प्राथमिक विद्यालय सिसई की शिक्षिका विनीता कुमारी अपने एरियर से संबंधित जानकारी के लिए जिला शिक्षा कार्यालय पहुंचीं. वहीं थावे प्रखंड के शिक्षक आमोद कुमार मांझी भी एरियर के भुगतान को लेकर कार्यालय आये थे. इसी क्रम में उत्क्रमित मध्य विद्यालय सुपौल के दिव्यांग शिक्षक अखिलेश्वर प्रसाद यादव स्थानांतरण से जुड़ी जानकारी प्राप्त करने पहुंचे. इसके अलावा कुचायकोट प्रखंड के मलाही उर्दू विद्यालय के प्रधान शिक्षक राजेंद्र कुमार पासवान अपने दो माह से लंबित वेतन भुगतान की समस्या लेकर कार्यालय आये थे. कुचायकोट प्रखंड के तिवारी मटिहानिया विद्यालय के शिक्षक विशाल प्रकाश जो बीपीएससी के माध्यम से टायर-वन में नियुक्त हैं, वेतन से संबंधित समस्या के समाधान की उम्मीद में पहुंचे थे. हालांकि शिक्षक अपनी समस्याओं के लेकर दोपहर 1:50 बजे तक इंतजार करते रहे. उस समय तक शिक्षा कार्यालय का सिर्फ मुख्य गेट ही खुला मिला. न तो कोई पदाधिकारी कार्यालय में उपस्थित थे और न ही कोई कर्मचारी. इससे दूर-दराज से आये शिक्षकों को काफी निराशा का सामना करना पड़ा. कई शिक्षकों ने बताया कि वे सुबह से कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन किसी से मुलाकात नहीं हो सकी. शिक्षकों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि वेतन, एरियर, स्थानांतरण सहित कई महत्वपूर्ण मामलों के लिए बार-बार कार्यालय आना पड़ता है. ऐसे में यदि आदेश के बावजूद कार्यालय बंद रहे, तो उनकी समस्याओं का समाधान कैसे होगा. मामले को लेकर जब डीइओ योगेश कुमार से फोन पर संपर्क किया गया, तो उन्होंने कहा कि अभी पता करते हैं. जबकि डीइओ सहित सभी पदाधिकारी व कर्मचारी को उपस्थित रहना था. इस आदेश के बाद भी शिक्षकों को तत्काल कोई राहत नहीं मिल सकी. शिक्षकों का कहना है कि विभागीय लापरवाही का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है.

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By AWEDHESH KUMAR RAJA

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