विजयीपुर : विजयीपुर थाने के महेशपुर गांव में बहन की आबरू बचाने के दौरान भाई को अपनी जान गंवानी पड़ी. छेड़खानी की वारदात ने पूरे परिवार को मौत के कगार पर पहुंचा दिया. तीन जिंदगियां मौत से जंग लड़ रही हैं.
सभी का इलाज गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में चल रहा है. मृतक सुरेश राम का पुत्र रंजीत उर्फ बबलू था. वहीं, इस हत्या के बाद पूरे गांव में तनाव का माहौल है. परिवार के सभी लोग गोरखपुर में हैं, जबकि रिश्तेदारों की भीड़ मृतक के घर पर पूरे दिन लगी थी. उधर, पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए घटना में संलिप्त तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है.
पुलिस ने अपराधियों के पास से हत्या में प्रयोग किये गये गुप्ती व चाकू को बरामद कर लिया है. गिरफ्तार आरोपितों में रामपाल राम और उसकी बहन विनीता कुमारी तथा बहनोई राजेश राम शामिल है. गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने तीनों को जेल भेज दिया. थानाध्यक्ष खालिद अख्तर ने बताया कि अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है.
घर में घुस कर कर थे छेड़खानी, विरोध करने पर पूरे परिवार को चाकूओं से गोदा : रविवार को पगरा दलित बस्ती के पुरुष व महिलाएं खेत में धान की रोपनी करने गये थे. इसी बीच मौका पाकर महेशपुर गांव का छोटे राम गांव के पोतन राम के घर में घुस गया. उस समय घर में लड़की अकेली थी, जिसके साथ छोटे राम छेड़खानी करने लगा. लड़की के शोर मचाने पर बगल के सुरेश राम का लड़का रंजीत उर्फ बबलू दौड़ कर आया तथा छोटे राम के साथ गाली-गलौज किया.
इससे उबाल खाया छोटे राम अपने गांव महेशपुर आया तथा घर व गांव के सात लोगों के साथ चाकू व गुप्ती लेकर पगरा पहुंचा. पोतन राम के घर में घुसकर गुप्ती से पहले रंजीत राम उर्फ बबलू के पेट में वार किया, जिससे वह बुरी तरह से घायल हो गया. शोर सुनकर तारकेश्वर राम, पोतन राम, राजन राम छुड़ाने आये तो इन लोगों को भी बारी-बारी से महेशपुर गांव से छोटे राम के साथ आये लोगों ने चाकू व गुप्ती से मारकर बुरी तरह से जख्मी कर दिया. इन लोगों को मरा समझकर छोटे राम तथा उसके साथी भाग गये.
देवरिया में कराया गया पोस्टमार्टम :
घायलों को लेकर परिजन विजयीपुर पीएचसी पहुंचे, जहां चिंताजनक स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने रेफर कर दिया. देवरिया अस्पताल पहुंचते ही बबलू उर्फ रंजीत की मौत हो गयी, जबकि अन्य घायलों का इलाज गोरखपुर में चल रहा है. रंजीत के शव का पोस्टमार्टम देवरिया अस्पताल में कराया गया. सोमवार को शव उसके गांव लाया गया.
शव आते ही मचा कोहराम
रंजीत का शव पहुंचते ही उसकी पत्नी किरण देवी बेहोश हो गयी. आसपास की महिलाएं उसे संभालने में लगी थी. मृतक बबलू की सात वर्षीया पुत्री बिट्टू मां की स्थिति देख अपने आंसुओं को रोक कर मां को संभालने में लगी थी, जबकि घर के अन्य सदस्य गोरखपुर में इलाजरत हैं. मृतक के पिता सुरेश राम अपने बेटे का शव देख कर अचेत हो जा रहे थे.
घटना के पांच घंटे बाद पहुंची पुलिस
यह घटना रविवार की शाम करीब पांच बजे के आसपास घटी. ग्रामीणों ने इसकी सूचना विजयीपुर पुलिस को दी, लेकिन पुलिस सात किलोमीटर की दूरी तय करने में लगभग पांच घंटे लगा दी. ग्रामीणों ने बताया पुलिस अगर सही समय पर पहुंचती तो शायद रंजीत की जान बच सकती थी और अन्य अपराधी जो बाहर से आये थे वे गिरफ्तार कर लिये जाते.
