पीएचसी की सुरक्षा राम भरोसे
अनदेखी. सदर अस्पताल को छोड़ कहीं सुरक्षा की व्यवस्था नहीं... आये दिन डॉक्टर एवं स्वास्थ्य कर्मियों के साथ हो रही है मारपीट चिकित्सा पदाधिकारियों ने मांगी अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था गोपालगंज : स्वास्थ्य केंद्रों पर डॉक्टर व कर्मी खौफ के बीच मरीजों की इलाज करने को विवश हैं. ग्रामीण इलाकों में अस्पतालों की सुरक्षा राम […]
अनदेखी. सदर अस्पताल को छोड़ कहीं सुरक्षा की व्यवस्था नहीं
आये दिन डॉक्टर एवं स्वास्थ्य कर्मियों के साथ हो रही है मारपीट
चिकित्सा पदाधिकारियों ने मांगी अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था
गोपालगंज : स्वास्थ्य केंद्रों पर डॉक्टर व कर्मी खौफ के बीच मरीजों की इलाज करने को विवश हैं. ग्रामीण इलाकों में अस्पतालों की सुरक्षा राम भरोसे चल रही है. स्वास्थ्य विभाग की माने तो सदर अस्पताल के अलावा किसी भी सरकारी अस्पताल में सुरक्षा नहीं है. इसके कारण आये दिन डॉक्टर व स्वास्थ्य कर्मियों के साथ मरीज के परिजनों द्वारा मारपीट व अभद्र व्यवहार किया जाता है. असुरक्षित महसूस करने पर कान्ट्रैक्ट पर तैनात कई चिकित्सक नौकरी छोड़ चुके हैं. वहीं, कई चिकित्सकों ने सिविल सर्जन से सुरक्षा बल की मांग की है.
थावे पीएचसी में हो चुकी है तोड़फोड़ : थावे पीएचसी में नवजात की मौत के बाद तोड़फोड़ की घटना हो चुकी है. इस मामले में पुलिस ने तत्कालीन एएनएम व चिकित्सक पर प्राथमिकी भी दर्ज किया था. बावजूद इसके प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में सुरक्षा-व्यवस्था के लिए जवान तैनात नहीं किये गये.
सुरक्षा के लिए चाहिए चार जवान व एक हवलदार : अस्पतालों में सुरक्षा के लिए स्वास्थ्य विभाग को चार जवान व एक हवलदार की जरूरत है. चार-एक फोर्स अन्य जिलों की अस्पतालों में तैनात है. लेकिन जिले की अधिकतर अस्पतालों में सुरक्षा के नाम पर एक भी जवान तैनात नहीं है. ऐसे में बवाल होने तथा रात में खौफ की साये में डॉक्टर मरीजों की इलाज कर पाते हैं.
जिले की अस्पतालों पर एक नजर
सदर अस्पताल
हथुआ अस्पताल
बरौली पीएचसी
कुचायकोट सीएचसी
सिधवलिया सीएचसी
बैकुंठपुर सीएचसी
पंचदेवरी पीएचसी
कटेया रेफरल
फुलवरिया रेफरल
उचकागांव पीएचसी
मीरगंज पीएचसी
सदर पीएचसी
मांझा पीएचसी
थावे पीएचसी
