नवादा से 10 साल पहले लापता लड़की गया से बरामद, भागकर सिपाही के पति से रचाई थी शादी, जानें कैसे हुआ खुलासा

नवादा की रहने वाली ये युवती जब नौवीं क्लास में पढ़ती थी. उसी दौरान वह कहीं चली गयी थी. इसके 10 साल बाद वो गया से बरामद हुई. जहां वो एक व्यक्ति के साथ रह रही थी. जिसने दो शादी की है. अब जानिए क्या है पूरा मामला…

नवादा जिले के अकबरपुर थाना क्षेत्र के रुन्नीपुर गांव से 10 साल पहले एक लड़की गायब हो गई थी, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया है. 2013 में नंदू मांझी की पुत्री गुड़िया उर्फ सुमन को बरामद करने के बाद बुधवार को पुलिस ने सुमन को उसके परिजनों से मिलाया. मां-बाप दस वर्षों बाद अपनी बेटी को देख फुट-फूटकर रोने लगे. बताया गया कि युवती ने सीडी चौधरी नाम के एक व्यक्ति के साथ शादी की थी. जिसने दो शादी की है और उसकी एक पत्नी बीमपी में सिपाही है.

जब नौवीं कक्षा में पढ़ती थी, तभी हुई थी गायब

इस संबंध में सुमन के परिजनों ने बताया कि जब वो नौवीं क्लास में पढ़ती थी. उसी दौरान वह कहीं चली गयी थी. काफी ढूंढने के बाद जब वो नहीं मिली तो मां सुषमा देवी ने माखर गांव के तीन लड़के मोहम्मद ईशा, मोहम्मद भोला व रुन्नीपुर गांव के राहुल कुमार पर अपहरण का आरोप लगाते हुए कोर्ट में परिवाद दर्ज किया था. लेकिन, प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई थी. इसके बावजूद युवती के परिजन कोशिश करते रहें और फिर काफी मशक्कत के बाद वर्ष 2019 में कोर्ट परिवाद के आधार पर अकबरपुर थाना में प्राथमिकी संख्या 32 /19 दर्ज की गई.

युवक की एक पत्नी बीएमपी में है सिपाही

2019 में एफआईआर दर्ज होने के बाद भी दस साल पहले लापता हुई सुमन का कुछ पता नहीं चल सका. इसके बाद यह बात सामने आई कि एक लड़के और दो महिलाओं के बीच लड़ाई के कारण उन्हें गया जिले के फतेहपुर थाने लाया गया था. इसके साथ ही यह भी पता चला कि लड़का गया जिले का रहने वाला है और उसका नाम सीडी चौधरी है, उसने दो शादियां की हैं. एक पत्नी बीएमपी में सिपाही है, जो मधुबनी में तैनात है. दूसरी पत्नी गुड़िया उर्फ सुमन है, जो नवादा जिले के अकबरपुर के रूनीपुर की रहने वाली है.

जमीन खरीदरकर नये मकान में रह रहे थे गुड़िया व सीडी चौधरी

यह पूरा मामला तब सामने आया जब सीडी चौधरी की दूसरी पत्नी, जो कि एक पुलिसकर्मी है, को पता चला कि सीडी चौधरी ने गया जिले के चंदौती थाना क्षेत्र में एक जमीन खरीदकर घर बनाया हैं और उसमें एओ गुड़िया को अपने साथ रख रहे हैं. इसके बाद सिपाही की पत्नी अपने माता-पिता और भाई के साथ वहां पहुंची और मारपीट शुरू कर दी.

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फतेहपुर थाने में हुआ खुलासा

मारपीट होने के बाद मामला फतेहपुर थाने तक पहुंचा और इस विवाद में शामिल सभी लोगों को को थाने लाया गया. थाने में गुड़िया से पूछने पर उसने बताया कि वह नवादा जिला के अकबरपुर की रहने वाली है. इसके बाद फतेहपुर थाना प्रभारी ने अकबरपुर पुलिस को फोन कर बुलाया, फिर गुड़िया को अकबरपुर थाने लाया गया. पूछताछ में उसने अपने पिता का नाम नंदू मांझी बताया

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परिजनों को दस साल बाद देख रो पड़ी सुमन

चौकीदार ने बताया कि यह रुन्नीपुर गांव का नंदू मांझी है, जिसकी बेटी पहले लापता हो गयी थी. इसकी फोटो रून्नीपुर के एक व्यक्ति को व्हाट्सएप पर भेजी गयी, जिसने इसकी पहचान की. इसके बाद सुमन के परिवार को इस बात की सूचना दी गई. परिजन थाने आए और 10 साल से बिछड़ी युवती अपने भाई, पिता और बहन को देखकर फूट-फूटकर रोने लगी.

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By Prabhat khabar news desk

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