Delulu (Google Image)
Gen-Z का "वास्तेगाना हुईंयां", "कुचु-पचू" जैसे अतरंगी शब्द आते कहां से हैं?
अब तक हर इन्फ्लुएंसर, इंस्टाग्राम पेज, न्यूज़ चैनल और डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म ने "वास्तेगाना हुईंयां", "कुचु-पचू" और "Delulu" जैसे शब्दों का मतलब बता दिया है. हर दिन इंटरनेट की दुनिया में कुछ नए शब्द जुड़ जाते हैं. सवाल है कि ये अतरंगी शब्द, जो डिक्शनरी में खोजने पर भी नहीं मिलते और जिन्हें सुनकर शेक्सपियर भी कन्फ्यूज हो जाए, आखिर आते कहां से हैं? जिन्हें सीखकर आप अपना Aura +100 करना चाहते हैं, उनमें से कई शब्दों की जड़ें Drag Culture से आते हैं.
Drag Culture (Google Image)
Gen-Z को अतरंगी शब्द देने वाला Drag Culture क्या है?
ड्रैग एक Gender-bending Art Form है, जिसमें आमतौर पर क्रॉस-ड्रेसिंग के जरिए खुद को एक्सप्रेस किया जाता है. जैसे, कोई पुरुष महिलाओं के कपड़े पहनकर परफॉर्म कर सकता है और अपनी अलग पहचान को सामने रख सकता है. Bold मेकअप, रंग-बिरंगे विग, चमकदार कपड़े और शानदार अंदाज. यानी पूरा लुक फैशनेबल, रंगीन और थिएट्रिकल होता है. जो पुरुष इस तरह परफॉर्म करते हैं, उन्हें Drag Queen कहा जाता है. वहीं, पुरुषों की तरह कपड़े पहनकर परफॉर्म करने वाली महिलाओं को Drag King कहते हैं. हालांकि, यह जरूरी नहीं कि Drag Queen केवल महिला या Drag King केवल पुरुष ही हो. कोई महिला भी Drag Queen और पुरुष भी Drag King बन सकता है.
Drag Culture (Google Image)
Drag शब्द आया कहां से?
ड्रैग शब्द आया कहां से? वैसे, इसके बारे में कोई सॉलिड सोर्स नहीं हैं. बल्कि इससे जुड़ी कई कहानियां मिलती हैं. माना जाता है कि इसका पहला इस्तेमाल 1870 में महिलाओं के कपड़े पहनकर एक्टिंग करने वाले कलाकारों के संदर्भ में हुआ था. एक और दावा है कि यह 19वीं सदी का थिएटर स्लैंग था. उस दौर में जब पुरुष महिला किरदार निभाने के लिए गाउन या स्कर्ट पहनते थे, तो उनके कपड़े स्टेज पर घिसटते थे, यानी Drag होते थे. इसी से ड्रैग शब्द के चलन में आने की कहानी कही जाती है.
ड्रैग कल्चर (Google Image)
Gen-Z का - थिएटर और ड्रैग कल्चर
लगभग 2500 साल पहले, प्राचीन यूनान यानी Greece के थिएटर में महिलाएं एक्ट नहीं कर सकती थीं. पुरुष ही ये कैरेक्टर निभाते थे. प्लेटो की किताब Republic में सुकरात कहते हैं कि inferiors यानी जिन्हें 'निचले स्तर का' माना जाता था, उनका किरदार निभाना ही चरित्र पर बुरा असर डालने वाला है. उन्हें लगता था कि नाटकों में औरतों, गुलामों या बहुत भावुक लोगों की नकल करना इंसान के चरित्र पर बुरा असर डाल सकता है.
Ballroom Culture (Google Image)
Ballroom Culture क्या है?
न्यूयॉर्क में LGBTQ+ Community के बीच "Drag Balls" का चलन शुरू हुआ. इसे LGBTQ+ Ballroom Scene, अंडरग्राउंड पार्टी और Art Contest का अनोखा मिश्रण कह सकते हैं. इसकी शुरुआत 1960 और 1970 के दशक में न्यूयॉर्क के African-American और Latin LGBTQ+ समुदाय ने की थी. वजह थी कि उन्हें आम ब्यूटी पेजेंट और समाज में बराबरी की जगह नहीं मिलती थी. इसके अलावा उन्हें Racism यानी नस्लभेद का भी सामना करना पड़ता था. Black Drag Queens से कई बार अपनी त्वचा को सफेद करने तक की उम्मीद की जाती थी, ताकि प्रतियोगिताओं में उनके जीतने के चांस बढ़ सकें.
Crystal LaBeija (Google Image)
Crystal LaBeija और Ballroom Houses की शुरुआत
यहां Crystal LaBeija का नाम खास तौर पर सामने आता है. रेसिज़्म के खिलाफ उन्होंने Black और Latino LGBTQ+ Community के लिए House of LaBeija बनाया, जिसे पहला Ballroom House माना जाता है. Ballroom Culture में "House" सिर्फ एक टीम नहीं, बल्कि चुना हुआ परिवार होता है. उस दौर में परिवार से निकाले गए कई LGBTQ+ युवाओं को Houses रहने की जगह और Emotional Support देते थे. हर House में House Mother और House Father होते हैं. यही वह Safe Space था, जहां लोग अलग-अलग Categories में सजते-संवरते, डांस करते और ट्रॉफी जीतने के लिए मुकाबला करते थे.
Ballroom से Gen Z (Google Image)
Ballroom से Gen Z की जुबान तक कैसे पहुंचे ये शब्द?
Ballroom सिर्फ डांस या फैशन तक सीमित नहीं है. इन Performances में Comedy, Music, Social Satire और कई बार Political Commentary भी देखने को मिलती है. प्रतियोगिताओं के दौरान हिस्सा लेने वाले और कमेंटेटर एक खास तरह की भाषा का इस्तेमाल करते हैं. यही भाषा धीरे-धीरे LGBTQ+ Community से निकलकर Pop Culture और फिर Social Media तक पहुंची, जिसे आज लोग Gen Z की Lingo कह देते हैं. (हां, हां, अब आ गए मुद्दे की बात पर.)
