Gaya Ji News : गया जी के वजीरगंज की अमैठी पंचायत के किसान सरकारी तंत्र की उदासीनता से परेशान होकर अब अपनी समस्या का समाधान खुद करने की पहल कर रहे हैं. वर्षों से उपेक्षित पइन की खुदाई और आहर-पोखर के बांधों की मरम्मत कर किसानों ने सिंचाई की व्यवस्था को बेहतर बनाया है.
किसानों की इस पहल से कम बारिश के बावजूद पंचायत क्षेत्र में धान की रोपाई का लक्ष्य लगभग पूरा हो गया है.
डीजल पंप से बढ़ी खेती की लागत
अमैठी पंचायत के पूर्व पैक्स अध्यक्ष आदित्य प्रसाद ने बताया कि करीब पांच वर्ष पूर्व तक खेतों की सिंचाई के लिए किसानों को डीजल इंजन और मोटर पंप सेट पर निर्भर रहना पड़ता था, जिससे खेती की लागत बढ़ जाती थी.
पहले नदी, आहर और पोखर से पइन के माध्यम से खेतों तक पानी पहुंचता था, लेकिन अतिक्रमण और समय पर खुदाई न होने से पइन का अस्तित्व समाप्त होने लगा था.
5 किलोमीटर पइन की हुई खुदाई
सिंचाई की समस्या को देखते हुए अमैठी, महुएत और लोहसिंघना गांव के किसानों ने आपस में बैठक कर पइन की खुदाई का निर्णय लिया.
नक्शे के आधार पर अमीन से नापी कराने के बाद पारकरहा पइन, सिमरी बांध पइन, बिचली पइन और चहल पइन की खुदाई पोकलेन एवं जेसीबी मशीन से कराई गई. करीब 5 किलोमीटर पइन की खुदाई होने से खेतों तक पानी पहुंचने का रास्ता सुगम हो गया.
पुल का भी कराया गया निर्माण
किसानों के अनुसार इस वर्ष बारिश कम होने के बावजूद सिंचाई की बेहतर व्यवस्था से शत-प्रतिशत धान की रोपाई कर ली गई.
पइन की खुदाई के साथ जरूरत के अनुसार कुछ पुल का निर्माण भी कराया गया, जिससे किसानों को खेतों तक पहुंचने में सुविधा होने लगी. यह संपूर्ण कार्य जलकर की राशि तथा आपसी सहयोग से निजी कोष के माध्यम से पूरा किया गया.
किसानों ने पेश की अनोखी मिसाल
सरकारी व्यवस्था की प्रतीक्षा करने के बजाय किसानों ने सामूहिक प्रयास से सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने का उदाहरण प्रस्तुत किया.
इस कार्य में पूर्व पैक्स अध्यक्ष आदित्य प्रसाद के अलावा अजय यादव, अर्जुन यादव, जनक नंदन प्रसाद, राम बालक प्रसाद, श्रीचंद यादव, विजय साव, अशोक प्रसाद शिक्षक, मुकेश चौधरी, लल्लू प्रसाद, बिनेशर चौधरी, रतन मांझी, हरेंद्र प्रसाद, रतन यादव, रविन्द्र पंडित तथा रासबिहारी प्रसाद सहित अन्य किसानों का महत्वपूर्ण सहयोग रहा.
