ग्रामीणों ने स्कूल भवन का निर्माण रोका

स्कूल भवन की छत ढलाई में गुणवत्ता की अनदेखी करने का लगाया आरोप

स्कूल भवन की छत ढलाई में गुणवत्ता की अनदेखी करने का लगाया आरोप

उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय बीटी बिगहा श्रीरामपुर का मामला

प्रतिनिधि, शेरघाटी. प्रखंड क्षेत्र के उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय बीटी बिगहा श्रीरामपुर में निर्माणाधीन नये विद्यालय भवन की छत ढलाई का काम ग्रामीणों ने मानक के अनुरूप सामग्री का उपयोग नहीं होने का आरोप लगाकर रोक दिया. ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्य में घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा था और छत की ढलाई रात के अंधेरे में की जा रही थी. ग्रामीण बेचन मिस्त्री, रौशन कुमार, मनीष कुमार सिंह, सिकंदर कुमार और संजीत कुमार सिंह समेत अन्य लोगों ने बताया कि तीन मंजिला भवन का निर्माण किया जा रहा है, लेकिन छत की ढलाई में आठ एमएम की पतली सरिया (छड़) का इस्तेमाल किया जा रहा था. ग्रामीणों का आरोप है कि मानक के अनुसार कम-से-कम 10 एमएम छड़ का उपयोग होना चाहिए. उन्होंने कहा कि जब वे लोग ढलाई देखने पहुंचे, तो पाया कि छत में पतला सरिया लगाया जा रहा है. बालू व गिट्टी की मात्रा अधिक तथा सीमेंट की मात्रा कम थी. इसके बाद ग्रामीणों ने मौके पर ही ढलाई का काम रोक दिया.

ग्रामीणों ने बताया कि मामले की शिकायत संबंधित विभाग के जूनियर इंजीनियर (जेइ) से मोबाइल पर की गयी है. जेइ ने भी बातचीत में स्वीकार किया कि छत की ढलाई में 10 एमएम की छड़ लगनी चाहिए. ग्रामीणों ने यह भी सवाल उठाया कि तीन मंजिला भवन को आठ एमएम की छड़ से किस तरह मजबूत बनाया जा सकता है. उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य से संबंधित सूचना बोर्ड भी स्थल पर नहीं लगाया गया है और न ही निर्माण कार्य का एस्टीमेट ग्रामीण या विद्यालय प्रशासन को उपलब्ध कराया गया है. उन्होंने कहा कि इसकी शिकायत एसडीओ मनीष कुमार से हम लोग मिलकर लिखित करेंगे.

क्या कहते हैं कर्मी

इधर, संवेदक कामेश्वर सिंह के कार्य की देखरेख कर रहे अभिनंदन कुमार ने आरोपों को खारिज किया. कहा कि ढलाई में 10 एमएम और आठ एमएम दोनों प्रकार की छड़ का उपयोग किया जाता है. उन्होंने बताया कि आठ एमएम की छड़ बांधते समय उसकी दूरी कम रखी गयी है, जिससे मजबूती बनी रहती है. उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य में बालू, गिट्टी और सीमेंट का उपयोग भी मानक के अनुसार ही किया जा रहा है. इसकी जांच करायी जा सकती है.

क्या कहते हैं एचएम

विद्यालय के प्रधानाध्यापक विजय कुमार गुप्ता ने बताया कि भवन निर्माण कार्य संवेदक के माध्यम से कराया जा रहा है, लेकिन उन्हें निर्माण से संबंधित कोई जानकारी नहीं दी गयी है. उन्होंने कहा कि संवेदक की ओर से अब तक एस्टीमेट की प्रति भी उपलब्ध नहीं करायी गयी है. इस कारण निर्माण कार्य की गुणवत्ता के बारे में जानकारी नहीं है.

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