टनकुप्पा प्रखंड क्षेत्र के बरतारा बाजार में रविवार को झारखंड के दुमका जिले के निवासी अनिल राय रास्ता भटक जाने के कारण इधर-उधर भटकते पाए गए.
अनिल राय (पिता- फूलचंद राय, ग्राम- कटरा, पोस्ट- जरुआडीह, थाना- मसलिया, पंचायत- पिंडारी, जिला- दुमका, झारखंड) महाराष्ट्र से अपने घर लौट रहे थे, इसी दौरान वे रास्ता भटक कर बरतारा बाजार पहुंच गए.
ग्रामीणों द्वारा पूछताछ किए जाने पर उनके पास से कल्याण जंक्शन से आसनसोल तक का वैध रेलवे टिकट मिला. बताया जाता है कि मानसिक रूप से असहज होने और भूख-प्यास के कारण वे बाजार में इधर-उधर भटक रहे थे.
समाजसेवी डॉ. वेद प्रकाश ने उपलब्ध कराया भोजन-पानी
इस बात की सूचना जैसे ही स्थानीय समाजसेवी डॉ. वेद प्रकाश को मिली, उन्होंने अनिल राय को अपने डिस्पेंसरी पर बुलाया और तुरंत भोजन व पानी उपलब्ध कराया.
इसके बाद उन्होंने अनिल राय की स्थिति और उनके घर-परिवार के बारे में जानकारी ली. बातचीत के दौरान अनिल राय ने अपना नाम, पता और परिजनों का विवरण दिया.
पुलिस ने ली जिम्मेदारी, परिजनों को सकुशल घर पहुंचाने की कवायद
जानकारी मिलते ही डॉ. वेद प्रकाश ने बिना देर किए टनकुप्पा थाना पुलिस को सूचित किया. सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और अनिल राय को अपने साथ थाने ले आई.
पुलिस द्वारा आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उनके परिजनों से संपर्क साधकर उन्हें सकुशल घर पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है.
स्थानीय लोगों ने डॉ. वेद प्रकाश की संवेदनशीलता और टनकुप्पा थाना पुलिस की तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि समय पर मिली मदद से एक भटके हुए व्यक्ति को नया सहारा मिला है. यह घटना समाज में मानवता, सहयोग और पुलिस-जनभागीदारी का एक सकारात्मक उदाहरण बनकर सामने आई है.
