टीबी-मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ बिहार (सीयूएसबी) के फार्मेसी विभाग के विद्यार्थियों द्वारा तपेदिक (टीबी) के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से एक जागरूकता रैली एवं नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया.
तपेदिक के प्रति जागरूकता रैली का उद्घाटन एवं शुभारंभ कुलपति प्रो कामेश्वर नाथ सिंह द्वारा हरी झंडी दिखाकर किया गया. सीयूएसबी के पीआरओ मोहम्मद मुदस्सीर आलम ने बताया कि इस रैली में 200 से अधिक विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया.
'हारेगा टीबी, जीतेगा भारत' के नारों से जीवंत हुआ परिसर
प्रतिभागियों की ऊर्जा और उत्साह से पूरा परिसर जीवंत हो उठा, जिनमें प्रमुख नारा था — 'हारेगा टीबी, जीतेगा भारत'. विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण आवाजों ने एक प्रेरणादायक वातावरण का निर्माण किया और तपेदिक-मुक्त भारत के मिशन के प्रति उनकी मजबूत प्रतिबद्धता को प्रदर्शित किया.
प्रतिभागियों ने उल्लेखनीय समर्पण का परिचय दिया और टीबी से प्रभावित लोगों की सहायता करने तथा समुदाय के बीच जागरूकता फैलाने के लिए हर संभव सहयोग प्रदान करने की तत्परता दिखाई.
हायर अपर सेकेंडरी स्कूल टेपा में व्याख्यान का आयोजन
रैली का समापन हायर अपर सेकेंडरी स्कूल, टेपा, फतेहपुर में हुआ जहां विद्यालय की प्रधानाचार्या सुमिता कुमारी ने सीयूएसबी के विद्यार्थियों का गर्मजोशी से स्वागत किया.
इस अवसर पर तपेदिक की पहचान, रोकथाम, निदान एवं उपचार विषय पर एक जागरूकता व्याख्यान डॉ अवनीश कुमार मृदुल द्वारा दिया गया. इस सत्र की अध्यक्षता नोडल अफसर टीबी-मुक्त भारत अभियान, प्रो सुब्रत कुमार भट्ट मिश्रा द्वारा की गयी.
नुक्कड़ नाटक और पर्चों के माध्यम से दी गई जानकारी
जागरूकता व्याख्यान के पश्चात सीयूएसबी के विद्यार्थियों ने विद्यालय के विद्यार्थियों को नुक्कड़ नाटक के माध्यम से तपेदिक से जुड़े सामाजिक कलंक, नि-क्षय मित्र की भूमिका एवं महत्व के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की.
नुक्कड़ नाटक दर्शकों को टीबी, इसके लक्षणों, रोकथाम, शीघ्र निदान तथा चिकित्सक द्वारा निर्धारित उपचार को पूरा करने के महत्व के बारे में शिक्षित करने का एक प्रभावशाली माध्यम साबित हुआ. रैली के दौरान विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों, स्कूल के विद्यार्थियों एवं आम जनता के बीच जानकारीपूर्ण पर्चों और जागरूकता सामग्री का वितरण किया गया.
शीघ्र निदान और पूर्ण उपचार से ही टीबी-मुक्त भारत संभव
प्रतिभागियों ने लोगों को टीबी के लक्षणों के प्रति सजग रहने, आवश्यकता पड़ने पर समय पर चिकित्सकीय जांच कराने तथा उचित एवं पूर्ण उपचार का पालन करने के लिए प्रेरित किया. टीबी-मुक्त भारत अभियान के माध्यम से सीयूएसबी के फार्मेसी विभाग ने यह महत्वपूर्ण संदेश दिया कि जागरूकता, शीघ्र निदान, उचित एवं पूर्ण उपचार तथा सक्रिय सामुदायिक सहभागिता तपेदिक के विरुद्ध लड़ाई को मजबूत करने और टीबी-मुक्त भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अत्यंत आवश्यक हैं.
कार्यक्रम के सफल आयोजन में आयोजन समिति के सदस्यों प्रो विवेक दवे, डॉ गिरीश कुमार सिंह, डॉ अरुण कुमार एवं डॉ बिभास चंद्र मोहंता का महत्वपूर्ण सहयोग रहा.
