विद्यार्थियों ने स्मार्ट अटेंडेंस सिस्टम किया विकसित

इंजीनियरिंग कॉलेज में फेशियल रिकग्निशन आधारित स्मार्ट अटेंडेंस सिस्टम शुरू

इंजीनियरिंग कॉलेज में फेशियल रिकग्निशन आधारित स्मार्ट अटेंडेंस सिस्टम शुरू

प्रतिनिधि, खिजरसराय.

गया कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के अंतिम वर्ष के इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग (इइइ) के छात्रों के एक समूह ने एक नवोन्मेषी स्मार्ट अटेंडेंस सिस्टम विकसित किया है, जो शैक्षणिक संस्थानों में उपस्थिति प्रक्रिया को स्वचालित और सुव्यवस्थित करने के लिए फेस रिकग्निशन तकनीक का उपयोग करता है. यह प्रोजेक्ट छात्र आदित्य प्रकाश, रौनक, अपोलो बी कुमार और राहुल कुमार द्वारा गया कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के प्राचार्य डॉ राजन सरकार के मार्गदर्शन में तैयार किया गया है. डिजिटल परिवर्तन के इस युग में यह स्मार्ट अटेंडेंस सिस्टम एक सुरक्षित, संपर्क-रहित और कुशल समाधान प्रदान करता है, जो छात्रों की उपस्थिति को फेस रिकग्निशन के माध्यम से स्वचालित रूप से चिह्नित करता है. छात्र कक्षा में प्रवेश करते हैं, तो एक कैमरा मॉड्यूल उनके चेहरे की पहचान करता है और उनकी उपस्थिति को बिना किसी शारीरिक संपर्क या मैनुअल प्रयास के रियल टाइम में रिकॉर्ड करता है. यह सिस्टम एक शक्तिशाली डेटाबेस द्वारा समर्थित है. एक उपयोगकर्ता-अनुकूल डैशबोर्ड की सहायता से शिक्षकों को उपस्थिति की निगरानी करने, छात्रों की भागीदारी जांचने और रिपोर्ट निर्यात करने की सुविधा मिलती है. इसकी एक प्रमुख विशेषता यह है कि छात्र, अभिभावक और शिक्षक उपस्थिति रिकॉर्ड को एक समर्पित वेबसाइट और मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से देख सकते हैं, जिससे पारदर्शिता और सुलभता सुनिश्चित होती है. यह सिस्टम उन्नत मशीन लर्निंग एल्गोरिद्म का उपयोग करता है, जो प्रकाश, हाव-भाव और रूप में हल्के बदलावों के कारण चेहरे में आने वाले अंतर को संभालने में सक्षम है.

क्या कहते हैं डॉ राजन

डॉ राजन सरकार ने कहा कि यह प्रोजेक्ट शैक्षणिक प्रौद्योगिकी के भविष्य की दिशा में एक कदम है. यह एक आवश्यक कार्य को स्वचालित करता है. साथ ही सटीकता और सुरक्षा को भी बनाये रखता है. इसे आसानी से क्लाउड सेवाओं या छात्र आइडी प्लेटफॉर्म जैसे बड़े सिस्टम के साथ जोड़ा जा सकता है. यह दूरदर्शी पहल दर्शाती है कि कैसे युवा इंजीनियर तकनीक और नवाचार को मिलाकर वास्तविक दुनिया की समस्याओं का समाधान कर रहे हैं, जिससे स्मार्ट कैंपस और कुशल शैक्षणिक प्रबंधन का मार्ग प्रशस्त हो रहा है.

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By Roshan Kumar

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