बोधगया. मगध विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर मनोविज्ञान विभाग एवं परामर्श प्रकोष्ठ मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है. इसके तहत सप्ताह के दूसरे दिन मंगलवार को संकट की घड़ी में मानसिक कल्याण विषय पर नारा लेखन प्रतियोगिता आयोजित की गयी. विद्यार्थियों ने महामारी, प्राकृतिक आपदाओं, संघर्ष एवं व्यक्तिगत संकटों में मानसिक संतुलन की भूमिका को रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत किया. इस कार्यक्रम के समन्वयक प्रो सुप्रीति सुमन, डॉ रवींद्र सिंह और डॉ मुस्सर्रत जहां थे, जिनके सहयोग से यह आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ. निर्णायक मंडल में प्रो नीरज कुमार व प्रो पीयूष कमल शामिल थे. मूल्यांकन मौलिकता, प्रासंगिकता, रचनात्मकता और प्रभावशीलता के आधार पर किया गया. इसमें शिक्षा विभाग के अंकुश राज को प्रथम पुरस्कार, साहिल राज को दूसरा व सुरुचि कुमारी को तीसरा पुरस्कार मिला, जबकि सृष्टि रंजन को प्रोत्साहन पुरस्कार दिया गया.
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