गया जी के शेरघाटी प्रखंड के समदा टोला महुआडीह गांव में सड़क से ऊंची नाली बनाए जाने के कारण जल-निकासी की समस्या बेहद गंभीर हो गई है. स्थिति यह है कि बरसात का पानी नाली से बाहर बहकर निकलने के बजाय आसपास के रिहायशी घरों में प्रवेश कर रहा है.
भयंकर जल-जमाव के कारण कई गरीब ग्रामीणों के कच्चे मकान क्षतिग्रस्त होकर गिर चुके हैं, जबकि कई परिवारों के लोग अपने आशियाने उजड़ने के बाद सड़क किनारे तंबू लगाकर रहने को मजबूर हैं.
ग्रामीणों ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि मनोज मांझी के घर से लेकर महेश राम के घर तक नाली का निर्माण कराया गया है. चूंकि यह नाली सड़क के तल से काफी ऊंची बना दी गई है, इसलिए पानी की निकासी पूरी तरह से बाधित हो गई है.
इस भीषण जल-जमाव की वजह से सोमवार मांझी, शिव मांझी, रामदास मांझी, राजदेव मांझी और एतवरिया देवी समेत कई अन्य लोगों के घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं. स्थिति इतनी दयनीय हो गई है कि कुछ बेघर परिवार खुले आसमान के नीचे सड़क पर ही खाना बनाने को मजबूर हैं.
एसडीओ कार्यालय पहुंचे ग्रामीण, लगाई गुहार
ग्रामीणों ने बताया कि इस गंभीर समस्या को लेकर स्थानीय मुखिया और प्रखंड कार्यालय में बीडीओ से कई बार शिकायत की गई, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है.
Also Read : गया : परिजनों को सौंपा दूसरे का शव, असली डेड बॉडी पहुंची श्मशान; 75% जलने के बाद आनन-फानन में बुझाया
सुनवाई न होने से क्षुब्ध होकर सोनिया देवी, ऐश्वर्या देवी, रवैया देवी, आरती देवी, बिरजा देवी, उत्तम पासवान, बसंत मांझी और कौशल्या देवी सहित दर्जनों ग्रामीण शनिवार को अनुमंडल कार्यालय पहुंचे और एसडीओ से मिलकर त्वरित कार्रवाई की मांग की.
हालांकि, मुलाकात के दौरान एसडीओ के कार्यालय में मौजूद नहीं होने के कारण ग्रामीणों ने लिखित आवेदन कार्यालय में जमा कराया. कार्यालय कर्मियों ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया है कि इस मामले की पूरी जानकारी एसडीओ को दे दी जाएगी और नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी.
