गया जी के शेरघाटी शहर के गोपालपुर कस्बे में मंगलवार को अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) जतिन कुमार ने अवैध रूप से संचालित तीन क्लीनिकों का औचक निरीक्षण किया. एसडीओ के अचानक पहुंचते ही तीनों क्लीनिकों के संचालक मौके से फरार हो गए. अधिकारियों द्वारा फोन कर संचालकों को बुलाया गया, लेकिन एक संचालक ने अपना मोबाइल फोन ही बंद कर लिया, जबकि दूसरे ने पांच-दस मिनट में पहुंचने की बात कहने के बावजूद मौके पर उपस्थित नहीं हुआ.
इसके बाद एसडीओ के कड़े निर्देश पर अनुमंडल अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. उदय कुमार ने नियमों की अनदेखी कर चल रहे दो क्लीनिकों को तुरंत सील कर दिया. एसडीओ की इस ताबड़तोड़ और सख्त कार्रवाई से क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित क्लीनिकों के संचालकों और झोलाछाप डॉक्टरों के बीच भारी हड़कंप मच गया है.
बिना वैध पंजीकरण के चल रहे थे क्लीनिक
निरीक्षण के दौरान एसडीओ ने अस्पताल उपाधीक्षक को संबंधित क्लीनिकों के कागजातों की गहराई से जांच कर विधिवत कार्रवाई करने और उसका प्रतिवेदन जल्द सौंपने का निर्देश दिया. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि बिना वैध पंजीकरण के संचालित होने वाले किसी भी क्लीनिक को बख्शा नहीं जाएगा और सभी पर सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी.
मेडिकल स्टोर के लाइसेंस की भी होगी जांच
इसके बाद एसडीओ जतिन कुमार ने गोपालपुर स्थित पूजा मेडिकल नामक दुकान का भी निरीक्षण किया. जांच के दौरान इस दवा दुकान का लाइसेंस ऐसा पाया गया, जिसके आधार पर संचालक सभी प्रकार की दवाइयों की बिक्री करने के लिए अधिकृत नहीं था.
पूछताछ के दौरान दुकानदार ने पहले तो यह बयान दिया कि लाइसेंस उसके भाई के नाम पर है, लेकिन बाद में गहन पूछताछ में उसने लाइसेंस अपने ही नाम पर होने की बात स्वीकार की. इस पर एसडीओ ने ड्रग इंस्पेक्टर को तुरंत दुकान के कागजातों की जांच कर विस्तृत प्रतिवेदन सौंपने का निर्देश दिया है.
एसडीओ जतिन कुमार ने दोटूक शब्दों में कहा कि अनुमंडल क्षेत्र में बिना किसी वैध पंजीकरण और लाइसेंस के संचालित होने वाली अवैध क्लीनिकों तथा दवा दुकानों के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा. उन्होंने कहा कि ऐसी अवैध क्लीनिकों के संचालन को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं, जिसके मद्देनजर यह औचक कार्रवाई की गई है.
