Ambulance Monitor Fault in Sherghati : गया जी की शेरघाटी अनुमंडलीय अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है. गंभीर मरीजों को बेहतर इलाज के लिए रेफर करने वाली एडवांस्ड एंबुलेंस का मॉनिटर करीब डेढ़ महीने से खराब बताया जा रहा है.
सोमवार को एक गंभीर वृद्ध मरीज को ऑक्सीजन सपोर्ट के साथ गया जी रेफर किया जा रहा था. इसी दौरान परिजनों को एंबुलेंस का मॉनिटर खराब होने की जानकारी मिली, जिसके बाद उन्होंने अस्पताल में हंगामा किया.
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मॉनिटर खराब होने की पूर्व सूचना और लापरवाही
परिजनों ने बताया कि मरीज की हालत बेहद नाजुक थी और रास्ते में उसकी स्थिति की लगातार निगरानी जरूरी थी, जबकि एंबुलेंस कर्मियों के अनुसार मॉनीटर खराब होने की जानकारी गया स्थित संबंधित अधिकारियों को पहले ही दी जा चुकी है लेकिन अब तक इसे दुरुस्त नहीं कराया गया है.
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अस्पताल उपाधीक्षक की प्रतिक्रिया और जांच के निर्देश
मामले में अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. उदय सिंह ने कहा कि उन्हें मॉनिटर खराब होने की जानकारी नहीं थी, तथा मामले की जांच कराई जाएगी और लंबे समय तक बिना मॉनीटर के एंबुलेंस संचालन के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाएगी.
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यूरीन कैथेटर को लेकर अस्पताल प्रशासन पर आरोप
मरीज को लोदी शहीद मोहल्ले से अस्पताल लाया गया था, और परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि इलाज के दौरान यूरीन कैथेटर की जरूरत पड़ने पर पहले बाजार से खरीदकर लाने को कहा गया, हालांकि हंगामे के बाद अस्पताल से ही कैथेटर उपलब्ध कराया गया.
अस्पताल की बदइंतजामी से लोगों में आक्रोश
इस पूरी घटना के सामने आने के बाद अस्पताल की बदइंतजामी और रोगी सुविधाओं की कमी को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है.
