Gaya Ji News : शेरघाटी में सरकारी बस सेवाओं का विस्तार होने के बावजूद बस अड्डे की बदहाल व्यवस्था यात्रियों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है. गया, औरंगाबाद, वाराणसी तथा महिलाओं के लिए विशेष पिंक बस सेवा संचालित होने के बावजूद बस अड्डा बुनियादी सुविधाओं से वंचित है. अतिक्रमण और गंदगी के कारण कई बसों को यात्रियों को चढ़ाने और उतारने के लिए सड़क या जीटी रोड पर ही रुकना पड़ रहा है.
अतिक्रमण के कारण बस अड्डे का नहीं हो पा रहा समुचित उपयोग
स्थानीय लोगों के अनुसार, बस अड्डे में पर्याप्त जगह होने के बावजूद अतिक्रमण के कारण बसों का संचालन प्रभावित हो रहा है. रांची जाने वाली बसें भी बस अड्डे के भीतर नहीं जातीं और सीधे सड़क से ही रवाना होती हैं. इससे यात्रियों को असुविधा के साथ-साथ दुर्घटना का भी खतरा बना रहता है.
गंदगी और बुनियादी सुविधाओं का अभाव
बस स्टैंड परिसर में चारों ओर गंदगी का अंबार लगा हुआ है. वर्षों पहले प्रस्तावित चहारदीवारी का निर्माण अब तक पूरा नहीं हो सका है, जिससे अतिक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है. परिसर सिमटने के कारण बसों की आवाजाही और यात्रियों के आवागमन में भी कठिनाई हो रही है. वहीं यात्रियों के लिए बैठने की व्यवस्था, पेयजल, शौचालय और अन्य बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव है.
जनप्रतिनिधियों ने उठाई सौंदर्यीकरण और सुविधाएं बढ़ाने की मांग
राजद नेता प्रमोद वर्मा और मुखिया राजेश यादव ने कहा कि बस अड्डे पर पर्याप्त सुविधाएं नहीं होने से महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को सबसे अधिक परेशानी होती है. उन्होंने बस अड्डे का सौंदर्यीकरण कराने और यात्रियों के लिए आवश्यक सुविधाएं विकसित करने की मांग की.
भाजपा जिलाध्यक्ष ने अधिकारियों से की कार्रवाई की मांग
भाजपा जिलाध्यक्ष प्रेम प्रकाश उर्फ चिंटू सिंह ने बताया कि बस अड्डे की बदहाली से संबंधित अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है. उन्होंने कहा कि जल्द सुधारात्मक कार्रवाई करने की मांग की गई है ताकि यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें.
अतिक्रमण हटाने और चहारदीवारी निर्माण की मांग
स्थानीय निवासी वीरेंद्र चौधरी ने बताया कि बस स्टैंड की जमीन की नापी होने के बावजूद अतिक्रमण हटाने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि अतिक्रमण हटाकर चहारदीवारी का निर्माण कराया जाए और आवश्यक यात्री सुविधाएं विकसित की जाएं, तो शेरघाटी का सरकारी बस अड्डा यात्रियों के लिए अधिक सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुविधाजनक बन सकता है.
