श्रावणी मेला 2026 के दौरान लाखों कांवरियों और श्रद्धालुओं की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए गया जंक्शन पर सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जा रहा है. इसी कड़ी में डीडीयू मंडल के वरीय मंडल सुरक्षा आयुक्त (सीनियर कमांडेंट) दिनेश सिंह तोमर ने शुक्रवार को मंडल के सभी आरपीएफ सहायक सुरक्षा आयुक्तों, आरपीएफ इंस्पेक्टरों और अन्य अधिकारियों और जवानों के साथ ऑनलाइन समीक्षा बैठक की.
बैठक में श्रावणी मेला के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण और यात्रियों की सहायता से जुड़े महत्वपूर्ण निर्देश जारी किये. सीनियर कमांडेंट ने बताया कि श्रावणी मेला को देखते हुए गया सहित मंडल के सभी प्रमुख स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था को कई स्तरों पर मजबूत किया गया है.
प्लेटफॉर्म, फुट ओवरब्रिज, आरक्षण काउंटर, टिकटघर, प्रवेश एवं निकास द्वार, प्रतीक्षालय और स्टेशन परिसर के संवेदनशील स्थानों पर विशेष आरपीएफ जवानों की तैनाती की गयी है. हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जायेगी, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सके.
कांवरियों की सुरक्षा और सुविधा को दी गई सर्वोच्च प्राथमिकता
बैठक में कांवर यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर विशेष जोर दिया गया. आरपीएफ जवानों को निर्देश दिये गये हैं कि वे कांवरियों की सहायता के लिए हर समय उपलब्ध रहें. भीड़भाड़ के दौरान यात्रियों को सुरक्षित प्लेटफॉर्म तक पहुंचाना, महिलाओं, बच्चों और बुजुर्ग श्रद्धालुओं की मदद करना और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई करना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी होगी.
जरूरत पड़ने पर डीडीयू से भेजे जाएंगे अतिरिक्त जवान
श्रावणी मेला के दौरान यदि किसी स्टेशन पर यात्रियों की संख्या अधिक बढ़ती है, तो अतिरिक्त सुरक्षा बल की भी व्यवस्था की जायेगी. सीनियर कमांडेंट ने स्पष्ट किया कि आवश्यकता पड़ने पर डीडीयू मुख्यालय से चुनिंदा प्रशिक्षित आरपीएफ जवानों को गया सहित अन्य संवेदनशील स्टेशनों पर भेजा जायेगा, ताकि सुरक्षा व्यवस्था पर किसी प्रकार का असर न पड़े और भीड़ को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सके.
यात्रियों और कांवरियों से सुरक्षा में सहयोग की अपील
कमांडेंट ने यात्रियों और कांवरियों से भी सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग करने की अपील की है. यात्रियों से कहा गया है कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति, लावारिस वस्तु या असामान्य गतिविधि की जानकारी तुरंत आरपीएफ अथवा रेलवे अधिकारियों को दें.
