नदियों से बालू का उठाव रूका, पर सड़कों पर खतरे बरकरार

डंप बालू की ढुलाई के लिए रिवर साइड रोड में हाइवा के परिचालन से बनी रहती है दुर्घटना की आशंका

डंप बालू की ढुलाई के लिए रिवर साइड रोड में हाइवा के परिचालन से बनी रहती है दुर्घटना की आशंका

अब दिन में बड़ी गाड़ियों की आवाजाही पर रोक की उठ रही मांग

फोटो- गया बोधगया 205- बोधगया के अमवां में डंप किये गये बालू

वरीय संवाददाता, बोधगया.

सरकार के निर्देश पर सोमवार से नदियों में बालू उठाव बंद हो गये हैं, पर ब��लू के ठेकेदारों व माफियों ने काफी मात्रा में बालू को डंप कर रखा है. अब नदियों के माध्यम से नहीं, बल्कि डंप कर रखे बालू की बिक्री होगी व इसके लिए बड़ी-बड़ी गाड़ी यानी हाइवा के माध्यम से बालू की ढुलाई की जायेगी. बोधगया के रिवर साइड रोड में बालू को लेकर हर दिन सैंकड़ों हाइवा का परिचालन होता रहा. दिन व रात में भी हाइवा की आवाजाही के कारण छोटी गाड़ियों का परिचालन बाधित हुआ व कई दुर्घटनाएं भी हुईं. लेकिन, अब लोगों में इस बात का डर बना हुआ है कि बरसात में भी अगर रिवर साइड रोड से दिन में हाइवा के माध्यम से बालू की ढुलाई होगी, तब दुर्घटनाएं और भी बढ़ जायेंगी. बरसात में सड़कों पर फिसलन बढ़ जाता है व बाइक व इ-रिक्शा आदि गाड़ियों को वैसे ही मुश्किलों का सामना करना पड़ता है. ऐसे में हाइवा के परिचालन के कारण दुर्घटनाओं की संभावना और भी बढ़ सकती है. इस कारण लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि अब गया-बोधगया रिवर साइड रोड में बड़ी गाड़ियों के लिए नो इंट्री का पालन कराया जाये व दिन के वक्त बालू लदे हाइवा के परिचालन पर रोक लगा दी जाये. अगस्त से बोधगया में श्रीलंका सहित विभिन्न राज्यों के श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ जायेगी. ऐसे में बोधगया क्षेत्र में दिन में बड़ी गाड़ियों के परिचालन पर रोक लगाना उचित भी होगा.

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Published by: Kalendra pratap singh

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