निगम की एजेंसी ने देहाती क्षेत्र में 30-40 पोलों पर लगा दीं रोप लाइटें

नगर आयुक्त ने कहा- देहाती क्षेत्र में लाइटें लगायी गयी हैं, तो नहीं होगा भुगतान

नगर आयुक्त ने कहा-

देहाती क्षेत्र में लाइटें लगायी गयी हैं, तो नहीं होगा भुगतान

निगम क्षेत्र में लगायी गयी रोप लाइटों का ही सिर्फ होगा भुगतान

एक पोल पर लगी 18 मीटर रोप लाइट, इसकी कीमत 2950 रुपये से अधिक

फोटो- गया- 01- नैली गांव के अंदर पोल पर लगायी गयी रोप लाइट

फोटो- गया- 02- कुमार अनुराग, नगर आयुक्त

वरीय संवाददाता, गया जी.

शरह में नगर निकाय विकास योजनाओं को पूरा करता है, तो देहाती इलाके में इसके लिए प्रखंड कार्यालय को जिम्मेदारी दी गयी है. जिले का एक इलाका ऐसा भी है, जहां पर पहले निगम क्षेत्र, उसके बाद पंचायत व बाद में फिर निगम क्षेत्र पड़ता है. वहां निगम की ओर से पोलों पर रोप लाइट लगाने का काम चल रहा है. शायद निगम की ओर से लाइट लगाने की जिम्मेदारी संभाल रही एजेंसी को निगम की चौहद्दी नहीं बतायी गयी है. खटकाचक-गाेपीबिगहा रोड में रोप लाइट लगाने का काम नैली गांव के अंदर से लेकर गांव की सीमा समाप्त होने तक चल रहा है. नैली से आगे गोपीबिगहा जो निगम क्षेत्र में पड़ता है, वहां फिलहाल रोप लाइट नहीं लगायी गयी है. इतना ही नहीं, खटकाचक से पहाड़पुर रोड में गुलगुलिया बाबा तक ही निगम का क्षेत्र आता है. गुलगुलिया बाबा से आगे तक रोप लाइट लगायी गयी है. अनुमान है कि निगम से ग्रामीण इलाके में 30-40 पोलों पर रोप लाइट लगायी गयी है. निगम हर समय अपने काम को लेकर लोगों के बीच चर्चा में ही रहता है. निगम की ओर से हर पोल पर 18 मीटर रोप लाइट लगाने के लिए दिया गया है. 18 मीटर लाइट की कीमत 2950 से अधिक है.

लोगों ने कहा-धन्यवाद नगर निगम

ग्रामीण इलाके में ऐसे पंचायत चुनाव के पहले संभावित प्रत्याशियों की ओर से लाइट लगायी गयी थी. कई जगह वह खराब भी हो गयी थी. निगम की ओर से लाइट लगाये जाने के बाद हर कोई खुश दिख रहा है. कुछ लोगों ने कहा कि धन्यवाद नगर निगम. इस तरह की गलती अन्य योजनाओं को लेकर की जाये, तो ग्रामीण इलाका भी गुलजार हो जायेगा. लोगों ने कहा कि पंचायत से लगायी जाने वाली लाइट से हर जगह रोशनी नहीं हो सकती है.

ग्रामीण इलाकों की लाइट का नहीं होगा भुगतान

देहाती क्षेत्र में लाइट लगाने की जानकारी उन्हें मिल गयी है. निगम से शहरी इलाके में ही लाइट लगाने का आदेश संबंधित एजेंसी को दिया गया है. इनके माध्यम से अगर ग्रामीण इलाके में लाइट लगायी गयी है, तो नगर निगम से उन लाइटों का भुगतान नहीं किया जायेगा. नगर निगम से शहरी इलाके में योजनाओं को पूरा किया जा सकता है.

कुमार अनुराग, नगर आयुक्त

– फोटो- गया- 02

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Author: JITENDRA MISHRA

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