प्रश्नपत्रों के लर्निंग आउटकम एकदम स्पष्ट होने चाहिए

एमयू के शिक्षा विभाग में बीएड व एमएड पाठ्यक्रम में सुधार के लिए आयोजित कार्यशाला के दूसरे दिन शनिवार को पटना से आये विषय विशेषज्ञ ने कार्यों की समीक्षा की

बोधगया. एमयू के शिक्षा विभाग में बीएड व एमएड पाठ्यक्रम में सुधार के लिए आयोजित कार्यशाला के दूसरे दिन शनिवार को पटना से आये विषय विशेषज्ञ प्रो ज्ञानदेव मणि त्रिपाठी (पूर्व संकायाध्यक्ष, शिक्षा संकाय, आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय ) ने प्रतिभागियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिया एवं विभिन्न समूहों में कार्य कर रहे शिक्षकों व विभागाध्यक्षों के कार्यों की समीक्षा की. उन्होंने कहा कि प्रत्येक प्रश्नपत्रों के लर्निंग आउटकम एकदम स्पष्ट होने चाहिए. विषय वस्तु सारगर्भित एवं प्रासंगिक होने चाहिए. साथ ही संदर्भ ग्रंथ सूची में वर्णित पुस्तकें विद्यार्थियों को उपलब्ध होने चाहिए. उन्होंने ने कहा कि पाठ्यक्रम ऐसा होना चाहिए, जिसे ब्लेंडेड मोड में भी पढ़ाया जा सके. प्रो त्रिपाठी वैलिडिक्ट्री सत्र के भी मुख्य अतिथि रहे. शिक्षा विभाग के संकायाध्यक्ष प्रो सुशील कुमार सिंह ने आगत अतिथि को पुष्पगुच्छ व अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया. प्रो सिंह ने कहा कि सेमेस्टर सिस्टम समय की मांग है. वैलिडिक्ट्री सत्र का संचालन डॉ संजीव कुमार पांडेय ने किया एवं धन्यवाद ज्ञापन प्रो प्रवात कुमार ढल ने किया. इस अवसर पर शिक्षा विभाग के समस्त शिक्षकों के साथ सभी अंगीभूत एवं संबंद्ध बीएड व एमएड महाविद्यालयों के प्रतिनिधि उपस्थित थे. कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान से किया गया.

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