Gaya News : खरीफ फसलों की बुआई से पहले भूमि व बीज शोधन जरूरी

Gaya News : प्रखंड के समदा, सोनडीहा व रतनपुरा गांवों में विकसित कृषि संकल्प अभियान के तहत एक दिवसीय कृषि गोष्ठी का आयोजन किया गया.

शेरघाटी. प्रखंड के समदा, सोनडीहा व रतनपुरा गांवों में विकसित कृषि संकल्प अभियान के तहत एक दिवसीय कृषि गोष्ठी का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को खरीफ मौसम में बेहतर कृषि पद्धतियों और रोग प्रबंधन की जानकारी देना था. गोष्ठी में कृषि विज्ञान केंद्र, आमस के पादप रोग वैज्ञानिक डॉ पंकज तिवारी ने किसानों को खरीफ फसलों की बुआई से पूर्व भूमि शोधन और बीज शोधन की आवश्यकता पर बल दिया. उन्होंने बताया कि बीज, मृदा, वायु, जल और कीटों के माध्यम से फसल रोगों का फैलाव होता है. खरीफ फसलों में झुलसा, झोंका, शीथ ब्लाइट, पत्ती धब्बा, मिथ्या कंडुआ, तुलासिता, बीज सड़न व उखठा जैसे रोग प्रमुख होते हैं.

बीज शोधन के उपाय

कार्बेन्डाजिम (50% डब्लपीू) या थीरम (75% डब्लू एस) की 2.0–2.5 ग्राम मात्रा प्रति किग्रा बीज से उपचार करें. ट्राइकोडर्मा जैसे जैव रसायन का प्रयोग 4.0–5.0 ग्राम प्रति किग्रा बीज के हिसाब से करें. धान के बीज को स्ट्रेप्टोमाइसिन सल्फेट (90%) टेट्रासाइक्लिन हाइड्रोक्लोराइड (10%) की 4.0 ग्राम मात्रा प्रति 25 किग्रा बीज से उपचारित करने की सलाह दी गयी. उपचारित बीज को धूप व गर्मी से बचाना, रासायनिक उर्वरकों से न मिलाना, तथा जैविक और रासायनिक उपचारों का उचित क्रम बनाये रखना जरूरी बताया गया.

भूमि शोधन के उपाय

2.5 किग्रा ट्राइकोडर्मा (2% डब्लूपी) अथवा व्यूबेरिया वैसियाना (1% डब्लूपी) को 70–75 किग्रा सड़ी हुई गोबर की खाद में मिलाकर 10–12 दिन छायायुक्त स्थान में रखें. रोजाना हल्का जल छिड़काव करें और अंतिम जुताई के समय सायंकाल में खेत में मिला दें.

योजनाओं की जानकारी भी दी गयी

गोष्ठी में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, कुसुम योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, मोटे अनाजों की खेती जैसे सरकारी योजनाओं की भी जानकारी दी गयी. किसानों को इन योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया. कार्यक्रम में जिला कृषि परामर्शी सुदामा सिंह, अजीत कुमार, अभिषेक हर्षवर्धन, राजेश कुमार, राहुल कुमार सहित कई कृषि अधिकारी व स्थानीय किसान उपस्थित थे. गोष्ठी के दौरान वैज्ञानिक खेती की उन्नत तकनीकों पर विस्तार से चर्चा की गई और किसानों को उनके समाधान से अवगत कराया गया.

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By Pranjal pandey

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