पितृपक्ष मेला में दिखेगी मगध की विरासत, 19 सितंबर को ‘मगध की पहचान’ पर सेमिनार और सांस्कृतिक कार्यक्रम

पितृपक्ष मेला 2026 के अवसर पर 19 सितंबर को गया में 'मगध की पहचान' विषय पर सेमिनार और सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। जानें पूरी जानकारी.

संवाददाता, गया जी. पितृपक्ष मेला के अवसर पर मगध क्षेत्र के इतिहास, विरासत एवं संस्कृति को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से 19 सितंबर को ‘मगध की पहचान’ विषय पर सेमिनार एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा. इस संबंध में उप विकास आयुक्त की अध्यक्षता में बैठक आयोजित कर कार्यक्रम की तैयारियों एवं रूपरेखा पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया.

मगध के इतिहास और संस्कृति पर होगी चर्चा

बैठक में सेमिनार के विभिन्न विषयों पर चर्चा की गयी. इनमें मगध का इतिहास एवं विरासत, मगध के शिक्षा-संस्कार एवं संस्कृति, मगध की अभ्युदय एवं पृष्ठभूमि, मगध की कला-साहित्य एवं संगीत तथा मगही भाषा एवं इसका स्वाद प्रमुख हैं.

विशेषज्ञ और प्रबुद्ध वक्ता रखेंगे अपने विचार

सेमिनार में विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञ एवं प्रबुद्ध वक्ताओं द्वारा विचार रखे जाएंगे. निर्धारित विषयों के लिए प्रो मनीष सिन्हा, प्रो सुभाष झा, डॉ राम कृष्ण मिश्र, स्वामी वेंकटेश्वराचार्य, श्री विष्णुपाद, मोहन सिंह सिजुआर तथा प्रो (डॉ) केके नारायण सहित अन्य वक्ताओं का चयन किया गया है.

मगही भाषा और इसके स्वाद पर भी होगी चर्चा

मगही भाषा एवं इसके स्वाद से संबंधित विषय पर डॉ सच्चिदानंद प्रेमी द्वारा विचार रखे जाने की सहमति दी गयी है. बैठक में सेमिनार में छात्र-छात्राओं की भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी विशेष बल दिया गया.

400 से 500 छात्र-छात्राओं की उपस्थिति का लक्ष्य

जिला शिक्षा पदाधिकारी को चयनित विषयों पर विचार रखने के लिए पांच छात्र-छात्राओं का चयन करने तथा सेमिनार में लगभग 400-500 छात्र-छात्राओं (10+2) की उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है.

सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होगा आकर्षण का केंद्र

सेमिनार के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया जायेगा. बैठक में सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए राजेंद्र सिजुआर, गुरुकुल विद्यालय, बोधगया के किलकारी के बच्चों, आशुतोष कुमार तथा जगजीत रौशन के नाम प्रस्तावित किये गये हैं.

फोटो- गया- बैठक में शामिल लोग | Prabhat Khabar Network

कलाकारों और विद्यालय से संपर्क का निर्देश

जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी को संबंधित कलाकारों व व्यक्तियों एवं विद्यालय के प्राचार्य से संपर्क स्थापित कर कार्यक्रम के लिए आमंत्रित करने का निर्देश दिया गया.

फ्लेक्स, होर्डिंग और सोशल मीडिया से होगा प्रचार

कार्यक्रम का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने का भी निर्देश दिया गया है. जिला जन-संपर्क पदाधिकारी को फ्लेक्स, होर्डिंग एवं सोशल मीडिया के माध्यम से कार्यक्रम के प्रचार-प्रसार की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है.

नयी पीढ़ी को विरासत से जोड़ने की पहल

बताया गया कि यह आयोजन पितृपक्ष मेला 2026 के दौरान मगध की समृद्ध ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं भाषायी विरासत को व्यापक मंच प्रदान करने तथा नयी पीढ़ी को अपनी विरासत से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल होगा.

बैठक में कई अधिकारी और प्रबुद्ध लोग रहे मौजूद

बैठक में अपर समाहर्ता विधि व्यवस्था, वरीय उप समाहर्ता अर्चना, वरीय उप समाहर्ता नेहा कुमारी, वरीय उप समाहर्ता नैना, वरीय उप समाहर्ता अंकुर कुमार, जिला जन संपर्क पदाधिकारी के साथ-साथ जिले के कई प्रबुद्ध व्यक्ति उपस्थित थे.

ALSO READ: पितृपक्ष मेला 2026 को लेकर गया में बिजली व्यवस्था दुरुस्त, ट्रांसफार्मर और तारों की हुई मरम्मत

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By नीरज कुमार

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >