गया जी: बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ प्रेम कुमार ने गुरुवार को गया जिला अतिथि गृह सभागार में नगर आयुक्त एवं नगर निगम के पदाधिकारियों के साथ विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेला 2026 की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की. बैठक में मेला क्षेत्र में सड़क, नाली, बिजली, चापाकल, सफाई, शौचालय, पेयजल, पहुंच पथ और अन्य जनसुविधाओं की तैयारियों की बिंदुवार समीक्षा की गयी.
समीक्षा के दौरान पितृपक्ष मेला क्षेत्र के सभी वार्डों में तालाबों और पिंडदान वेदियों की नियमित सफाई, गया कॉलेज खेल परिसर, केंदुई बस स्टैंड और टेंट सिटी तक पहुंच पथ के निर्माण, सिकड़िया मोड़ बस स्टैंड पर जनसुविधाओं की बहाली, शहर के प्रमुख प्रवेश द्वारों के निर्माण तथा नगर क्षेत्र में विकसित किये जा रहे वर्टिकल गार्डन की प्रगति पर विस्तार से चर्चा हुई.
मेला शुरू होने से पहले सभी व्यवस्था दुरुस्त करने का निर्देश
बैठक को संबोधित करते हुए डॉ प्रेम कुमार ने कहा कि गया जी का पितृपक्ष मेला विश्व प्रसिद्ध धार्मिक आयोजन है. यहां देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु पिंडदान और तर्पण के लिए पहुंचते हैं. ऐसे में तीर्थयात्रियों को स्वच्छ, सुरक्षित और सुव्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए.
उन्होंने निर्देश दिया कि मेला शुरू होने से पहले सभी सड़कें, नालियां, घाट, तालाब, पिंडदान वेदियां, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, शौचालय और सफाई व्यवस्था पूरी तरह दुरुस्त कर ली जाये. सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए निर्धारित समय-सीमा के भीतर तैयारियां पूरी करें.
शहर में बनेंगे तीन प्रमुख प्रवेश द्वार
नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि शहर के प्रमुख प्रवेश द्वार सिकड़िया मोड़, सीताकुंड और कंडी नवादा के समीप बनाये जाएंगे. इसके लिए निविदा प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. इन प्रवेश द्वारों के निर्माण से गया जी आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा मिलने के साथ शहर का स्वरूप भी आकर्षक बनेगा.
वहीं, शहर को हरित और आकर्षक बनाने के लिए 50 स्थानों पर वर्टिकल गार्डन विकसित किये जायेंगे. इसके लिए स्थानों का चयन कर लिया गया है और निविदा प्रक्रिया जारी है. वर्तमान में जिला अतिथि गृह और एटी गेट संख्या-5 के समीप वर्टिकल गार्डन विकसित किया जा चुका है.
54 पिंडदान वेदियों की सफाई युद्धस्तर पर जारी
पदाधिकारियों ने बताया कि पितृपक्ष मेला क्षेत्र की सभी 54 पिंडदान वेदियों की सफाई युद्धस्तर पर जारी है. इसके साथ ही प्रमुख तालाबों की नियमित साफ-सफाई भी करायी जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं को स्वच्छ और बेहतर वातावरण उपलब्ध कराया जा सके.
डॉ प्रेम कुमार ने बताया कि पितृपक्ष मेला 2026 के सफल आयोजन के लिए डीएम के स्तर से विभिन्न कोषांगों का गठन किया गया है. सभी कोषांगों को उनकी जिम्मेदारियां सौंप दी गयी हैं.
विभिन्न कोषांगों को सौंपी गयी जिम्मेदारी
डीएम स्तर पर गठित विभिन्न कोषांगों के तहत विकास कुमार को स्वच्छता, जितेंद्र कुमार को स्वास्थ्य, राजनंदन गांधी को पथ एवं नाली तथा मोहन कुमार को विद्युत कोषांग की जिम्मेदारी सौंपी गयी है.
विधानसभा अध्यक्ष ने सभी पदाधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी कार्य पूरा करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि पितृपक्ष मेले के दौरान देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए.
बैठक में वसंत, परमार, पप्पू चंद्रवंशी, अमित लोहानी, देवानंद पासवान, अमित पासवान, सुरेंद्र यादव, सूरज राणा, राकेश, पवन चंद्रवंशी, विराज कुमार सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे. बैठक के अंत में डॉ प्रेम कुमार ने डीएम और नगर आयुक्त की ओर से पितृपक्ष मेला की तैयारियों को लेकर किये जा रहे कार्यों की सराहना की.
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