लोगों का विश्वास बढ़ा, तो मगध मेडिकल अस्पताल प्रशासन ने पर्ची का कलेवर भी बदला
By JITENDRA MISHRA | Updated at :
लोगों का विश्वास बढ़ा, तो मगध मेडिकल अस्पताल प्रशासन ने पर्ची का कलेवर भी बदला
बड़े अस्पतालों की तर्ज पर दो दिनों से मरीजों को दिया जा रहा नया फोल्डर
फोटो- गया- 02 – इस तरह का बनाया गया मरीज के लिए फोल्डरफोटो- गया- 03 – डॉ केके सिन्हा, अधीक्षक, मगध मेडिकल अस्पतालवरीय संवाददाता, गया जीओपीडी में एक कागज की पर्ची पर प्रमंडल के सबसे बड़े अस्पताल मगध मेडिकल में लोगों को दवा व जांच की सलाह लिखी जाती थी. भर्ती मरीज के लिए यह व्यवस्था बनायी गयी थी. मरीज अगर यहां की पर्ची को किसी बड़े अस्पताल में लेकर पहुंचते थे, तो उसके पढ़ने लायक तक स्थिति नहीं होती थी. ऐसे देखा जाये, तो इस अस्पताल में इलाज की सुविधा बेहतर होने के बाद लोगों का विश्वास यहां के प्रति बढ़ गया है. हर जगह अस्पताल का लुक तक को बदला गया है. अब पिछले दो दिनों से यहां भी मरीजों को पर्ची के नाम पर एक फोल्डर दिया जा रहा है. विभिन्न विभागों के मरीजों के लिए अलग-अलग फोल्डर बनाया गया है. फोल्डर में दवा लिखने की जगह, जांच के लिए पहले से अंकित कॉलम में टीक लगाना होता है. इसमें कई पेज दिया गया है. मरीजों व परिजनों के हाथ में फोल्डर देखकर लगता है कि बड़े शहरों के अस्पतालों की तरह यहां भी व्यवस्था में बदलाव किया जा रहा है. यह व्यवस्था ओपीडी व आइपीडी दोनों जगह पर किया गया है.
मरीजों को फोल्डर रखने में होती है आसानी
पहले एक पेज की पर्ची को मरीज मरोड़ कर जेब में रख लेते थे. कई दिनों जेब में रखने के बाद पर्ची फट भी जाती थी. अब फोल्डर में इलाज का विवरण रहने के बाद यह पूरी तौर से सुरक्षित रहता है. इतना ही नहीं, दूसरी जगह पर रेफर होकर मरीज को जाने के बाद आसानी से सारी जानकारी अस्पताल में डॉक्टर को मिल जा रही है. इतना ही नहीं, इलाज की विवरण को रिकॉर्ड ऑनलाइन भी चढ़ायी जा रही है. इससे यह सुविधा होगी कि किसी मरीज की जानकारी अगर अस्पताल के अधिकारी या डॉक्टर लेना चाहते हैं, तो एक क्लिक में सारी जानकारी मिल जायेगी.
पहले बहुत तरह की आ रही थी दिक्कत
एक पर्ची पर इलाज का विवरण अंकित होने व ऑफलाइन इंट्री होने के चलते मरीज के बारे में जानकारी लेने में काफी दिक्कत आती है. किसी मरीज की जानकारी लेने के लिए रजिस्टर में खोजना पड़ता था. अब यह सारी दिक्कत दूर हो गयी है. एक क्लिक कर किसी भी मरीज की जानकारी आसानी से मिल जाती है.