नेपाल की बाढ़ का असर गया जी के पितृपक्ष मेले पर, 20 से अधिक बसें रद्द; कारोबारियों की बढ़ी चिंता

नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन के कारण गया में पिंडदान के लिए आने वाले नेपाली तीर्थयात्रियों की संख्या में भारी गिरावट आई है. इसका सीधा असर पितृपक्ष मेले पर भी पड़ रहा है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है.

Nepal Flood Pitru Paksha Mela Gaya : नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन के बाद गया जी में पिंडदान के लिए आने वाले नेपाली तीर्थयात्रियों की संख्या काफी कम हो गई है. तीर्थ पुरोहितों के अनुसार, इसका असर 25 सितंबर से 10 अक्तूबर तक आयोजित होने वाले पितृपक्ष मेले पर भी पड़ने की पूरी संभावना है.

20 से अधिक बसें कराई गईं रद्द

नेपाली तीर्थयात्रियों के तीर्थ पुरोहित अनिरुद्ध टाटक ने बताया कि बाढ़ और भूस्खलन के कारण सड़कों व पुलों को नुकसान पहुंचा है. सुरक्षा के मद्देनजर कई मार्ग बंद कर दिए गए हैं, जिससे लोग बचाव व राहत कार्यों में लगे हैं. इसके चलते मेले में आने वाले नेपाली तीर्थयात्रियों द्वारा अब तक 20 से अधिक बसें रद्द करा दी गई हैं.

खाली पड़े नेपाली आश्रम

रसूवा सहित कई जिले ज्यादा प्रभावित

तीर्थ पुरोहित रामकुमार पांडेय ने बताया कि नेपाल की इस त्रासदी में सबसे अधिक रसूवा जिला प्रभावित हुआ है. इसके अलावा नुवाकोर्ट और धाडिंग जिले में भी असर पड़ा है. इन क्षेत्रों से तीर्थयात्रियों और प्रभावित परिवारों के परिजनों का आगमन पूरी तरह से थम गया है.

लोकल अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा प्रतिकूल असर

नेपाली श्रद्धालुओं की संख्या घटने से जिले की अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है. वर्ष 2024 तक एक लाख से अधिक नेपाली तीर्थयात्री मेले में पहुंचे थे.

श्रद्धालुओं की कमी से पिंडदान सामग्री कारोबारियों, ट्रांसपोर्टरों, होटलों, रेस्टोरेंट और तीर्थ पुरोहितों की आमदनी प्रभावित होना तय है.

पुरोहित अनिरुद्ध टाटक

लगातार दूसरे साल घटा श्रद्धालुओं का आगमन

तीर्थ पुरोहित अनिरुद्ध टाटक ने बताया कि लगातार दूसरे वर्ष नेपाली श्रद्धालुओं की संख्या में गिरावट आई है. वर्ष 2025 में नेपाल की हिंसक झड़प के कारण कम श्रद्धालु पहुंचे थे, जबकि इस वर्ष बाढ़ त्रासदी का असर देखा जा रहा है. काठमांडू, पोखरा और नारायण घाट से आने वाली बसें रद्द हुई हैं और आगे भी रद्द होने की आशंका है.

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By नीरज कुमार

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