बोधगया की सुरक्षा पर दिखायी जा रही सुस्ती

यहां रहने वाले किरायेदारों के बारे में किया जाना है भौतिक सत्यापन

यहां रहने वाले किरायेदारों के बारे में किया जाना है भौतिक सत्यापन ,

स्थानीय जनप्रतिनिधि के सहयोग से पुलिस प्रशासन को करना है यह काम

वरीय संवाददाता, बोधगया

अंतरराष्ट्रीय महत्व के धार्मिक व पर्यटन स्थल बोधगया की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर से सुस्ती बरती जा रही है. बोधगया स्थित विभिन्न देशों के बौद्ध मठों, होटल व गेस्ट हाउसों में ठहरने वालों के बारे में जानकारी इकट्ठा करने की प्रक्रिया तो कमोबेश जारी रहता है, पर बोधगया के निजी घरों में बतौर किरायेदार रहने वाले लोगों के बारे में भी सूचना व ब्योरा एकत्रित करने के निर्णय पर अमल नहीं किया जा रहा है. पिछले महीने बोधगया थाने में स्थानीय जनप्रतिनिधियों यानी वार्ड पार्षदों के बैठक कर पुलिस पदाधिकारियों ने यह तय किया था कि बोधगया के विभिन्न वार्डों व मुहल्लों में स्थित निजी घरों में बतौर किरायेदार रहने वाले लोगों की भी जानकारी रखी जानी चाहिए. इसके लिए भौतिक सत्यापन किया जाना था व संबंधित वार्ड पार्षदों के सहयोग से डेटा संग्रह कर उसे बोधगया थाने में रखा जाना था. तर्क था कि प्रशासन को यह ज्ञात होना चाहिए कि होटल व गेस्ट हाउसों के अलावा निजी घरों में कौन-कौन लोग प्रवास कर रहे हैं. यह भी मालूम हो कि बोधगया के कई मुहल्लों में निजी घरों में भी कई विदेशी पर्यटक व श्रद्धालु दो-चार दिनों के लिए ठहर जाते हैं व उसका किराया का भुगतान करते हैं. कई परिवार लंबे समय तक किरायेदार के रूप में रहते हैं जो देश के दूसरे राज्य व बिहार के अलग-अलग जिलों के होते हैं. अब चूकी, बोधगया की स्थिरता को भंग करने का दो मर्तबा प्रयास भी हो चुका है व यहां दुनिया भर के देशों के नागरिक पर्यटन व धार्मिक लिहाज से पहुंचते है. ऐसे में उनकी सुरक्षा प्रशासन व स्थानीय लोगों की जिम्मेदारी भी बनती है.

पकड़ा गया था अवैध रूप से रहने वाला बंग्लादेशी

पिछले दिनों जांच के दौरान एक बौद्ध मठ में प्रवास कर रहे बांग्लादेश के एक नागरिक जो भिक्षु बन कर रह रहा था और उसके पास वैध कागजात भी नहीं थे, को पकड़ा गया था. इसी तरह अन्य बौद्ध मठों व निजी घरों में भी अवैध रूप से व आपराधिक गतिविधि में संलिप्त व पुलिस से छुप-छुपा कर किसी भी राज्य व जिले के लोग बोधगया में प्रवास कर सकते हैं. इन्हीं सभी कारणों से यह निर्णय किया गया था कि स्थानीय पार्षदों के सहयोग से किरायेदारों का भौतिक सत्यापन कराया जाय व उनके डेटा को बोधगया थाने में रखा जाये. लेकिन, महीनों गुजरने के बाद भी इस दिशा में कोई काम शुरू नहीं हो सका है. अब जबकि बोधगया का पर्यटन सीजन शुरु हो चुका है और विभिन्न देशों के श्रद्धालुओं की भी आवाजाही बढ़ गयी है, ऐसे में बोधगया की सुरक्षा को लेकर सजगता बरतने की जरूरत महसूस की जा रही है.

क्या कहते हैं थानेदार

बोधगया थानाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह ने बताया कि संबंधित वार्ड पार्षदों के सहयोग से किरायेदारों की जानकारी एकत्रित की जानी है, पर फिलहाल इस पर कोई काम शुरू नहीं किया गया है. अब चुनाव के बाद इस पर तेजी के साथ काम किया जायेगा. उन्होंने बताया कि बोधगया की सुरक्षा को लेकर विभिन्न बिंदुओं पर चौकसी बरती जा रही है और इसमें और तेजी लायी जायेगी.

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Published by: Kalendra pratap singh

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