गया जी के वजीरगंज प्रखंड अंतर्गत केनारचट्टी गांव में रविवार को एक बेहद भावुक कर देने वाला नजारा देखने को मिला. वर्ष 1995 से अचानक लापता हुए साधु शर्मा आखिरकार करीब 31 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद सुरक्षित अपने घर लौट आए. उनके अचानक घर पहुंचते ही परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई और पूरे गांव में उनकी वापसी कौतूहल व चर्चा का विषय बन गई.
साधु शर्मा स्वर्गीय गनौरी ठाकुर के पुत्र हैं. वर्ष 1995 में वे अचानक अपने घर से लापता हो गए थे. उस समय परिजनों ने नाते-रिश्तेदारों और परिचितों के यहां काफी खोजबीन की, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिल सका था. समय बीतने के साथ उम्मीदें भले ही धुंधली पड़ती गईं, लेकिन परिवार ने उन्हें कभी भुलाया नहीं था.
घर पहुंचते ही छलक पड़े परिजनों के आंसू, देखने के लिए उमड़े ग्रामीण
रविवार को जब साधु शर्मा अचानक अपने पैतृक घर पहुंचे, तो परिवार के सदस्य उन्हें देखकर भावुक हो उठे. वर्षों से अपने बेटे की राह देख रही वृद्ध मां और अन्य परिजनों की आंखें खुशी से नम हो गईं. साधु शर्मा के सकुशल लौटने की खबर गांव में आग की तरह फैल गई, जिसके बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण उन्हें देखने के लिए उनके घर पहुंचने लगे.
ग्रामीणों ने बताया ईश्वर की कृपा, ऐतिहासिक पल
गांव के लोगों ने इस घटना को किसी चमत्कार से कम नहीं बताया:
- राजकुमार प्रसाद ने कहा कि किसी ने सोचा भी नहीं था कि साधु शर्मा कभी वापस लौटेंगे.
- अनिल प्रसाद ने कहा कि परिवार ने वर्षों तक इंतजार किया और आज इस पल को देखकर सबकी आंखें नम हैं.
- लवकुश प्रसाद ने इसे ईश्वर की विशेष कृपा बताया.
- सुरेंद्र प्रसाद ने कहा कि यह भावुक पल पूरे गांव के लिए ऐतिहासिक है.
- विक्रम कुमार ने उनकी सकुशल वापसी पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उनके स्वस्थ व दीर्घायु जीवन की कामना की.
कहां बीते 31 साल, अब भी बना हुआ है रहस्य
फिलहाल साधु शर्मा इतने 31 वर्षों तक कहां रहे और किन परिस्थितियों में परिवार से दूर रहे, इस बात की पूरी जानकारी सामने नहीं आ सकी है. उनकी यह रहस्यमयी गुमशुदगी और अचानक हुई वापसी पूरे वजीरगंज क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है. परिजनों के लिए लंबे और कठिन इंतजार के बाद मिला यह दिन जीवन की सबसे बड़ी खुशी बन गया है.
