किलकारी में आयोजित विशेष ‘संडे का फंडा’ कार्यक्रम में इंग्लैंड के प्रसिद्ध कलाकार माइक ब्रे बच्चों को प्रेरित करने शामिल हुए. करीब तीन वर्षों से किलकारी से जुड़े माइक ब्रे विभिन्न अवसरों पर यहां आकर बच्चों की कला एवं प्रतिभा को प्रोत्साहित करते रहे हैं. कार्यक्रम की शुरुआत बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से हुयी.
नाटक, संगीत और कला प्रदर्शनी की प्रस्तुतियां
किलकारी की नाटक विधा के बच्चों ने रविंद्रनाथ टैगोर की कविता ‘नदियों की पुकार’ का प्रभावशाली मंचन किया. प्रस्तुति के माध्यम से प्रकृति, नदियों और पर्यावरण संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता का संदेश दिया गया. नाटक की तैयारी व निर्देशन नाटक प्रशिक्षक नंदकिशोर कुमार के मार्गदर्शन में हुआ.
इसके बाद संगीत विधा के बच्चों ने ‘वंदे मातरम्’ व झूला गीत की प्रस्तुति दी. संगीत प्रस्तुति की तैयारी में श्वेता कुमारी, संदीप सिन्हा व दिनेश कुमार मऊआर का योगदान रहा. कार्यक्रम के दौरान हस्तकला, मूर्तिकला एवं चित्रकला विधा के बच्चों द्वारा तैयार कलाकृतियों की प्रदर्शनी भी लगाई गयी.
प्रदर्शनी में बच्चों की आकर्षक कलाकृतियों ने अतिथियों का ध्यान आकर्षित किया. प्रमंडल कार्यक्रम समन्वयक राजीव रंजन श्रीवास्तव ने कहा कि किलकारी बच्चों को केवल प्रशिक्षण देने का स्थान नहीं, बल्कि उनकी प्रतिभा को पहचानकर मंच देने वाला संस्थान है. मौके पर आकाश कुमार, प्रिंसी डायर, वरिष्ठ रूपक सिन्हा व अन्य थे.
माइक ब्रे का जूडो-कराटे में सहभागिता और संबोधन
इंग्लैंड में अपना बैंड संचालित करने वाले माइक ब्रे ने बच्चों के बीच विशेष प्रस्तुति दी. उन्होंने बच्चों के साथ जूडो-कराटे की प्रस्तुति में भी सहभागिता की और उनकी प्रतिभा एवं ऊर्जा की सराहना की. अपने संबोधन में उन्होंने किलकारी की गतिविधियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह उनका तीसरा दौरा है और उन्हें यह स्थान बहुत पसंद है. उन्होंने बच्चों के लिए किये जा रहे कार्यों को जारी रखने की शुभकामना दी.
कलाकारों और बच्चों का उत्साहवर्धन
कार्यक्रम के दौरान बच्चों की ऊर्जा और उत्साह को देखकर सभी अतिथि काफी प्रभावित हुए. इस प्रकार के आयोजनों से बच्चों की छिपी हुई प्रतिभा को निखारने का अवसर मिलता है और उनका आत्मविश्वास भी मजबूत होता है.
