अंतरराष्ट्रीय डिस्लेक्सिया जागरूकता दिवस पर लाल रंग से नहाया महाबोधि मंदिर

सहानुभूतिपूर्ण समाज के निर्माण के लिए करुणा, समझ व सामूहिक जिम्मेदारी की प्रतीक थी

फोटो- गया बोधगया 205- लाल रंग से प्रकाशित महाबोधि मंदिर वरीय संवाददाता, बोधगया अंतरराष्ट्रीय डिस्लेक्सिया जागरूकता दिवस पर रविवार की शाम को विश्व धरोहर स्थल महाबोधि महाविहार को लाल रंग से प्रकाशित किया गया. यह पहल यूनेस्को एमजीआइइपी से प्राप्त सूचना के बाद भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा डिस्लेक्सिया के प्रति एकजुटता और जागरूकता के प्रतीक के रूप में भारत भर के यूनेस्को धरोहर स्थलों व प्रमुख स्मारकों को लाल रंग से प्रकाशित करने के आह्वान के फलस्वरूप शुरू किया गसा था. इस प्रकाश व्यवस्था का उद्देश्य डिस्लेक्सिया के बारे में जागरूकता फैलाना और सीखने में कठिनाई वाले बच्चों के लिए समावेशी शिक्षा की आवश्यकता को बढ़ावा देना था. पवित्र महाबोधि मंदिर की लाल रोशनी एक अधिक समावेशी व सहानुभूतिपूर्ण समाज के निर्माण के लिए करुणा, समझ व सामूहिक जिम्मेदारी की प्रतीक थी. बोधगया मंदिर प्रबंधन समिति ने संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) द्वारा संचालित इस नेक पहल का हिस्सा बनने पर प्रसन्नता व्यक्त की है.

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By KALENDRA PRATAP SINGH

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