Gaya News : जमुई में गत 19 सितंबर को एक नाबालिग छात्रा और उसके साथी के साथ कथित तौर पर मारपीट एवं बदसलूकी का वीडियो सामने आने के बाद पूरे बिहार राज्य में भारी आक्रोश व्याप्त है. इसी घटना के विरोध में मंगलवार को मगध विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर विभिन्न छात्र संगठनों के सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने जोरदार प्रदर्शन किया तथा राज्य के मुख्यमंत्री और जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा का पुतला दहन किया.
प्रदर्शनकारी छात्रों ने पीड़ित नाबालिग को शीघ्र न्याय दिलाने, पूरे मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने तथा सभी नामजद आरोपियों के विरुद्ध कानून के तहत कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की पुरजोर मांग की.
प्रदर्शन के दौरान छात्रों में जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा के उस बयान को लेकर अत्यधिक गुस्सा देखा गया, जिसमें उन्होंने जमुई की इस गंभीर घटना को “छिटपुट घटना” बताते हुए सरकार द्वारा कार्रवाई किए जाने की बात कही थी. उनका यह बयान सार्वजनिक रूप से रिपोर्ट हुआ था, जिसके बाद से ही इस पर तीखा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है.
नाबालिगों की सुरक्षा किसी दल या विचारधारा से ऊपर: छात्र नेता
छात्र नेताओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि नाबालिग बच्चियों और बेटियों की सुरक्षा का सवाल किसी भी राजनीतिक दल या संकीर्ण विचारधारा से बहुत ऊपर है. ऐसी संवेदनशील घटनाओं में पीड़िता की सुरक्षा, निष्पक्ष जांच और समयबद्ध कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित होना बेहद आवश्यक है.
वहीं, छात्र संगठनों ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि मुख्यमंत्री, जो अक्सर बड़े-बड़े मंचों से यह दावा करते नहीं थकते कि उनकी सरकार बिहार में महिला सुरक्षा और सुशासन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, उनकी कथनी और करनी में साफ अंतर देखने को मिल रहा है.
छात्रों ने याद दिलाया कि स्वयं मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक रूप से यह बयान दिया था कि यदि बिहार की किसी भी बेटी के साथ आधी रात के बारह बजे भी घर से बाहर निकलने पर छेड़छाड़ या ऐसी कोई शर्मनाक घटना होती है, तो वे उसी सुबह अपने पद से इस्तीफा दे देंगे. छात्रों ने मांग की कि आज मुख्यमंत्री को इस घटना पर अपना इस्तीफा दे देना चाहिए.
छात्र संगठनों ने की आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग
इस विरोध प्रदर्शन के दौरान एनएसयूआई मगध विश्वविद्यालय के अध्यक्ष संतोष कुमार सोनू ने कहा कि पीड़ित छात्रा को हर हाल में शीघ्र न्याय मिलना चाहिए और इस घृणित घटना में शामिल सभी आरोपियों पर कानून के दायरे में रहकर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए.
इंकलाबी छात्र संगठन के संयोजक दीपक कुमार दांगी ने कहा कि जमुई की यह घटना बेहद गंभीर और निंदनीय है. किसी भी बेटी के साथ ऐसी बर्बरता कतई स्वीकार्य नहीं है. उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो, सभी दोषियों की पहचान कर उन पर कानूनी शिकंजा कसा जाए और पीड़िता को हरसंभव सुरक्षा एवं न्याय प्रदान किया जाए.
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इंकलाबी छात्र संगठन के एक अन्य संयोजक कमलेश कुमार ने कहा कि महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा के लिए पुलिस-प्रशासन को अधिक संवेदनशील और जवाबदेह व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि विशेष रूप से सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की बहुत आवश्यकता है.
इस उग्र प्रदर्शन और पुतला दहन कार्यक्रम में अशोक कुमार, कमलेश कुमार, विकास यादव, कुलदीप कुमार, हर्ष कुमार, प्रिंस कुमार, रवि कुमार, राहुल कुमार, मनीष कुमार और राजेश कुमार सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे. छात्र संगठनों ने एक स्वर में चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही दोषियों पर कठोर कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा.
