Gayaji News : मगध विश्वविद्यालय और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के बीच डिजिटल भुगतान और छात्र कल्याण को लेकर महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये गये. समर्थ पोर्टल के माध्यम से चल रही मौजूदा प्रवेश प्रक्रिया में बैंक के सहयोग से डिजिटल लेनदेन सुचारू और निर्बाध रहा है. इसी सफलता को देखते हुए दोनों संस्थानों ने डिजिटल साझेदारी को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है.
सुरक्षित डिजिटल भुगतान और पारदर्शी शुल्क संग्रह पर जोर
समझौते के तहत विश्वविद्यालय में सुरक्षित डिजिटल भुगतान प्रणाली को और मजबूत किया जायेगा. इसके साथ ही शुल्क संग्रह को पारदर्शी और आसान बनाने तथा विद्यार्थियों समेत सभी हितधारकों को सुविधाजनक वित्तीय सेवाएं उपलब्ध कराने पर जोर रहेगा. विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, डिजिटल व्यवस्था के विस्तार से भुगतान प्रक्रिया अधिक सरल और प्रभावी होगी.
बैंक ने सीएसआर के तहत विश्वविद्यालय को दिए तीन वाटर कूलर
डिजिटल साझेदारी के साथ सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत विश्वविद्यालय में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार की पहल भी की है. बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक और गया के शाखा प्रबंधक ने विश्वविद्यालय का दौरा कर कुलपति से मुलाकात की. इस दौरान प्रशासनिक भवन की तीन अलग-अलग मंजिलों पर तीन नये वाटर कूलर स्थापित किये गये, जिनमें से एक का औपचारिक उद्घाटन किया गया.
प्रत्येक संकाय में लगेंगे अतिरिक्त वाटर कूलर
कुलपति प्रो दिलीप कुमार केशरी और कुलसचिव प्रो विनोद कुमार मंगलम ने बैंक अधिकारियों की पहल की सराहना की. उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर में सामाजिक जिम्मेदारी से जुड़ी गतिविधियों को और विस्तार देने का आग्रह किया. इस पर बैंक अधिकारियों ने जल्द ही मगध विश्वविद्यालय के प्रत्येक संकाय में विद्यार्थियों की सुविधा के लिए 10 अतिरिक्त नये वाटर कूलर लगाने का आश्वासन दिया.
उद्घाटन के मौके पर कुलानुशासक प्रो केडी प्रसाद वर्मा, वित्त पदाधिकारी इंद्र कुमार सिंह सहित विश्वविद्यालय के कई पदाधिकारी मौजूद रहे. विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा कि शिक्षा और बैंकिंग क्षेत्र के बीच यह सहयोग डिजिटल सुविधाओं के विस्तार के साथ विद्यार्थियों के लिए बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.
