मगध मेडिकल अस्पताल में दलाली करने वालों की संख्या कमने के बजाय बढ़ती जा रही है. इसमें प्राइवेट अस्पताल के लिए पहले से कई लोग काम कर रहे थे. अब यहां विभिन्न तरह के काम के लिए एजेंसियों से लोगों को रखा जाता है.
इनकी गलती या फिर काम में लापरवाही सामने आने के बाद एजेंसी उक्त कर्मचारी को निकाल देती है, लेकिन कर्मचारी का अस्पताल से मोहभंग नहीं होता है और वे मरीजों को बरगलाकर व बेहतर सुविधा देने के नाम पर पैसा ठगने में जुट जाते हैं. कुछ पहले के कर्मचारी तो प्राइवेट अस्पतालों के लिए दलाली भी करने लगे हैं.
ओपीडी से लेकर हर जगह वसूली का खेल
हालात यह है कि ओपीडी में दिखाने के समय सुविधा मिलने व तुरंत दिखवाने के नाम पर ये लोग पैसा वसूलने में परहेज नहीं करते हैं. पिछले दिनों मरीजों से पैसा लेने को लेकर एक कर्मचारी को हटाया गया.
अधिकारी ने सबूत मिलने के बाद ही उसे हटाने का निर्देश एजेंसी को दिया था. उसके बाद वह कर्मचारी तरह-तरह का आरोप लगाते हुए वरीय अधिकारियों के पास आवेदन दे दिया. इसके बाद भी उक्त कर्मचारी अस्पताल आना बंद नहीं किया है. अस्पताल कर्मचारियों ने बताया कि अस्पताल में पैसा कमाने के लिए ये लोग हर तरह की तरकीब अपना लेते हैं.
निकाले गए कर्मचारियों की गतिविधियों पर नजर
एजेंसी के निकाले गए कर्मचारियों को अस्पताल में वसूली करने की छूट नहीं दी जा सकती है. निकाले गए कर्मचारियों की लिस्ट व अंदरखाने से पता लगाया जाएगा कि इनमें से कौन-कौन हर दिन अस्पताल आकर प्राइवेट अस्पतालों की दलाली व सुविधा दिलाने के नाम पर वसूली करते हैं.
उपाधीक्षक की चेतावनी और एफआइआर के निर्देश
दलालों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश अस्पताल में तैनात सिक्यूरिटी गार्ड को दिया गया है. यदि ऐसे लोग बाज नहीं आए, तो अस्पताल में तैनात सिक्यूरिटी गार्ड की कार्रवाई के साथ थाने में एफआइआर भी दर्ज कराई जाएगी.
उपाधीक्षक डॉ. पीके अग्रवाल ने कहा कि दलालों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश अस्पताल में तैनात सिक्यूरिटी गार्ड को दिया गया है. एजेंसी के निकाले गये कर्मचारियों को अस्पताल में वसूली करने की छूट नहीं दी जा सकती है.
उन्होंने यह भी कहा कि निकाले गये कर्मचारियों की लिस्ट व अंदरखाने से पता लगाया जायेगा कि इनमें से कौन-कौन हर दिन अस्पताल आकर प्राइवेट अस्पतालों की दलाली व सुविधा दिलाने के नाम पर वसूली करते हैं, तो उनके खिलाफ अस्पताल में तैनात सिक्यूरिटी गार्ड की कार्रवाई के साथ थाने में एफआइआर भी दर्ज कराया जायेगा.
