जुलाई से सितंबर के बीच डेंगू बीमारी के बढ़ते संभावित खतरे को देखते हुए अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (ANMMCH) में व्यापक तैयारियां की गई हैं. अस्पताल प्रशासन द्वारा स्पेशल वार्ड में डेंगू मरीजों के इलाज के लिए 100 बेड आरक्षित कर दिए गए हैं.
तैयारियों के तहत सभी बेड पर मच्छरदानी लगाने के साथ-साथ आवश्यक दवाइयों का स्टॉक और डॉक्टर-कर्मियों का ड्यूटी चार्ट भी जारी कर दिया गया है. डॉक्टरों का कहना है कि मगध मेडिकल अस्पताल में प्लेटलेट्स की पर्याप्त उपलब्धता रहने के कारण मरीजों को बाहर रेफर करने की आवश्यकता नहीं पड़ती है.
एडीज एजिप्टी मच्छर के काटने से फैलता है डेंगू
जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. एम. ई. हक ने बताया कि डेंगू संक्रमित मादा 'एडीज एजिप्टी' मच्छर के काटने से इंसानों में फैलता है. जब कोई मच्छर डेंगू से पीड़ित व्यक्ति को काटकर किसी स्वस्थ व्यक्ति को काटता है, तो वायरस उसमें ट्रांसफर हो जाता है.
- मुख्य लक्षण: तेज बुखार, आंखों के पीछे और शरीर में तेज दर्द, जोड़ों में असहनीय दर्द तथा प्लेटलेट्स का तेजी से गिरना इसके प्रमुख लक्षण हैं.
- फॉगिंग व दवा का छिड़काव: शहरी क्षेत्रों में नगर निगम द्वारा और ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा फॉगिंग व एंटी-लार्वा दवाओं का छिड़काव कराया जा रहा है.
सतर्कता और साफ-सफाई ही सबसे बड़ा बचाव: डॉ. प्रवीण कुमार अग्रवाल
मगध मेडिकल अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. प्रवीण कुमार अग्रवाल ने बताया कि डेंगू से बचाव के लिए अपने आसपास साफ-सफाई और सतर्कता बरतना बेहद जरूरी है.
- घर के आसपास जलजमाव न होने दें: खुले टैंक, ड्रम, पुराने टायर, गमले, कूलर और खुले बर्तनों में जमा पानी में ही डेंगू के मच्छर पनपते हैं, इसलिए नियमित सफाई करें.
- पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें: डेंगू फैलाने वाले मच्छर अक्सर दिन में काटते हैं, इसलिए दिन में भी मच्छरदानी का प्रयोग करें और शरीर को पूरी तरह ढकने वाले कपड़े पहनें.
- तत्काल अस्पताल पहुंचे: कोई भी लक्षण दिखने पर बिना देर किए मरीज को नजदीकी सरकारी अस्पताल लेकर जाएं. मगध मेडिकल में प्लेटलेट्स समेत इलाज की सभी बेहतर सुविधाएं पूरी तरह नि:शुल्क उपलब्ध हैं.
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